मुंबई के पास ठाणे जिले के डोंबिवली स्थित केडीएमसी अस्पताल से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है। इसमें एकनाथ शिंदे की शिवसेना पार्टी के एक स्थानीय नेता महिला डॉक्टर और अस्पताल के अन्य कर्मचारियों के साथ मारपीट करते हुए दिखाई दे रहा है। इस घटना का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में काफी नाराजगी है।
केडीएमसी आयुक्त अभिनाय गोयल ने बताया कि आरोपी नेता, नगरसेवक रमेश म्हात्रे के खिलाफ डॉक्टरों और अस्पताल के कर्मचारियों पर ड्यूटी के दौरान हमला करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। इस घटना के बाद अस्पताल के कर्मचारी बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए और विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने एकनाथ शिंदे की शिवसेना से जुड़े इस नगरसेवक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
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क्यों हुआ विवाद?
जानकारी के अनुसार, विवाद अस्पताल में नवजात शिशुओं के लिए आईसीयू बेड उपलब्ध न होने को लेकर शुरू हुआ। एक गर्भवती महिला के परिवार को डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे को जन्म के बाद NICU की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन अस्पताल के सभी NICU बेड पहले से भरे हुए हैं। इसलिए उन्हें किसी दूसरे अस्पताल में जाने की सलाह दी गई। इसी बात पर विवाद बढ़ गया और रमेश म्हात्रे और उनके समर्थकों ने डॉक्टरों और अस्पताल के कर्मचारियों पर हमला कर दिया।
सीसीटीवी में क्या दिखा?
सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि रमेश म्हात्रे अपने कुछ समर्थकों के साथ अस्पताल के एक कमरे में घुसकर डॉक्टरों और कर्मचारियों को मुक्के और थप्पड़ मार रहे हैं। शुरुआत में एक कमरे में कुछ बहस हो रही है और फिर अचाकन रमेश म्हात्रे एक कर्मचारी पर हाथ उठा देते हैं। इसके तुरंत बाद उसके साथ आए लोग भी उस कर्मचारी को मारने लगते हैं। यह हंगामा तीन मिनट से अधिक समय तक चलता रहा।
महिला डॉक्टर को भी पीटा
पहले पुरुष कर्मचारी को पीटा और इसका विरोध करने वहां पर मौजूद महिला कर्मचारी और डॉक्टर भी आ गई। इसके बाद महिला डॉक्टर के साथ कुछ देर तक बहस होती है। इसी बीच महिला डॉक्टर किसी को फोन लगाती है और इससे रमेश म्हात्रे गुस्सा हो जाते हैं। पीछे से आकर महिला डॉक्टर को जोरदार थप्पड़ मारा। थप्पड़ लगते ही उनका मोबाइल हाथ से गिर गया। इसके बाद वह दूसरे डॉक्टरों और अस्पताल के कर्मचारियों के साथ भी मारपीट करता रहा। इस दौरान सभी महिलाएं वहां डरी और सहमी हुई नजर आई। इसके बाद रमेश म्हात्रे के साथ आया एक व्यक्ति रजिस्टर उठाकर वहां मौजूद दूसरे कर्मचारी को मारता है।
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डॉक्टरों ने किया विरोध
घटना का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट ने बयान जारी किया। संगठन ने कहा कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले अब इक्का-दुक्का घटनाएं नहीं रह गई हैं, बल्कि ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। संगठन ने कहा कि यह हमला सिर्फ एक डॉक्टर पर नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र और उन सभी लोगों पर हमला है, जो इलाज के लिए इस व्यवस्था पर भरोसा करते हैं। इस घटना के बाद से सोशल मीडिया पर भी लोगों का गुस्सा देखने को मिल रहा है। लोग आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।