पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के साउथ दम दम म्यूनिसिपलिटी के तृणमूल कांग्रेस पार्षद संजय दास का शव शनिवार को उनके घर से बरामद किया गया। उनकी उम्र 49 साल थी। शुरुआती जांच में मौत की वजह आत्महत्या बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, वह अपने फ्लैट में फांसी पर लटके मिले।
संजय दास वॉर्ड नंबर 18 के पार्षद थे और म्यूनिसिपलिटी में स्वास्थ्य विभाग के चेयरमैन-इन-काउंसिल (CIC) भी थे। उनका परिवार गोरक्षबासी रोड स्थित बहुमंजिला इमारत में रहता था। संजय दास की लाश उनके बेटे ने सुबह देखी तो शोर मचाना शुरू किया। परिवार के लोग उन्हें नजदीकी प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां सुबह 8:18 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
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तनाव में थे संजय दास, भूमाफिया का आरोप
परिवार और पड़ोसियों का कहना है कि संजय दास पिछले कुछ दिनों से काफी तनाव में थे। उनके घर के बाहर एक बैनर लगाया गया था, जिसमें उन पर जमीन हड़पने और वसूली का आरोप लगाया गया था। इस वजह से वह और उनका परिवार बहुत परेशान था।
'कुछ बड़े लोग ब्लैकमेल कर रहे थे'
तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि संजय दास पर कोई शिकायत, समन या कोई एजेंसी की जांच नहीं चल रही थी। तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता और बालाघाट विधायक कुणाल घोष ने कहा कि कुछ लोग उन्हें ब्लैकमेल कर रहे थे। बैनर लगाने वाले दो लोगों ने खुद आरोपों से इनकार किया था, फिर भी कुछ लोग पैसे मांगकर उन्हें धमका रहे थे।
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'आपराधिक जांच से डरे थे संजय कुमार'
संजय दास बिधाननगर के मेयर-इन-काउंसिल का सदस्य देबराज चक्रवर्ती के करीबी सहयोगी थे। पिछले दिनों नगरपालिका भर्ती घोटाले और भ्रष्टाचार के मामलों में कई टीएमसी पार्षदों की गिरफ्तारी हुई है। वह भी डरे हुए थे।
अब मौत की जांच कराने की उठी मांग
TMC के वरिष्ठ नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय और अन्य नेताओं ने संजय दास के घर पहुंचकर परिवार से मुलाकात की। दम दम म्यूनिसिपलिटी की चेयरपर्सन कस्तूरी चौधरी ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर तुरंत जांच की मांग की है।
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परिवार ने नहीं दी है कोई शिकायत
पुलिस ने अस्वाभाविक मौत का केस दर्ज कर लिया है। अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और परिवार की ओर से कोई लिखित शिकायत भी नहीं आई है। मामले की जांच जारी है।