सामान्य पैसेंजर ट्रेन जिसमें 12 डिब्बे होते हैं, वह 6 लीटर डीजल में 1 किलोमीटर चलती है यानी 1 लीटर में सिर्फ 167 मीटर।
एक एक्सप्रेस ट्रेन जिसमें 12 डिब्बे होते हैं वह 4.5 लीटर डीजल में 1 किलोमीटर चलती है।
24 डिब्बे वाली सुपरफास्ट ट्रेन 6 लीटर डीजल में 1 किलोमीटर चलती है।
हजारों टन वजन, बार-बार स्टॉप, ढलान-चढ़ाई के कारण इतना कम माइलेज देती है।
एक ट्रेन का मतलब सैकड़ों ट्रक या बस के बराबर है। इसमें प्रति यात्री/टन पर ईंधन बहुत कम लगता है।
इलेक्ट्रिक ट्रेन में सिर्फ 15-20 यूनिट/km की लागत लगती है जो कि डीजल से 3-4 गुना सस्ता पड़ता है।
डीजल इंजन की टंकी 5000 से 6000 लीटर की होती है फिर भी रिफिलिंग जरूरी होती है।
ये करोड़ों लोगों को एक साथ लेकर जाती है इसलिए इतनी कम माइलेज के बावजूद इसमें सफर करना फायदेमंद है।