खार्ग आइलैंड पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान भड़क उठा है। उसने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को बड़ी धमकी दी है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने यूएई से कहा कि खार्ग आइलैंड पर हमले के बाद यूएई में स्थित अमेरिकी ठिकाने वैध लक्ष्य हैं।

 

अपनी धमकी में आईआरजीसी ने कहा है कि शिपिंग पोर्ट, डॉक और यूएई के कुछ शहरों में ठहरे अमेरिकी सैनिकों के अड्डे और अमेरिकी मिसाइलों के सोर्स पर हमला करके अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और इलाके की रक्षा करना वैध अधिकार है। ईरान ने यूएई से मिलिट्री इलाके और पोर्ट को खाली करने का अनुरोध किया है, ताकि आबादी को नुकसान से बचाया जा सके।

 

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इस बीच आईआरजीसी की नेवी ने बहरीन, कुवैत और अब धाबी में स्थित अमेरिकी मिलिट्री बेस को निशाना बनाने का दावा किया है। आईआरजीसी की नौसेना प्रमुख एडमिरल अलीरेजा तांगसिरी ने दावा किया कि उनकी नेवी ने तीन मिलिट्री बेस पर हमलों को अंजाम दिया है। उनके मुताबिक अबू धाबी में स्थित अल-धफरा, कुवैत के अल-अदिरी और बहरीन के शेख ईसा बेस को निशाना बनाया गया है। 

क्यों अहम है खार्ग आइलैंड?

रणनीतिक तौर पर खार्ग ईरान का सबसे अहम आइलैंड है। यहां से ईरान का 90 फीसद तेल निर्यात किया जाता है। अभी तक अमेरिका यहां हमला करने से बचता रहा है।


यूएस सेंटकॉम का दावा कि उसने यहां 90 सैन्य टारगेट को तबाह कर दिया है। सेंटकॉम ने बताया कि नेवल माइन स्टोरेज फैसिलिटी, मिसाइल स्टोरेज बंकर और कई दूसरी मिलिट्री साइट्स को नष्ट किया गया है। अमेरिकी फोर्स ने तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को बचाते हुए 90 से अधिक ईरानी मिलिट्री टारगेट पर हमला किया है।

तेल ठिकानों को तबाह करने की धमकी

अमेरिकी हमले के बावजूद ईरानी अधिकारियों का दावा है कि खार्ग आइलैंड से तेल का निर्यात जारी है। तेल कंपनियों की गतिविधियां भी बिना रुकावट जारी हैं। इस बीच अमेरिका ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि अगर उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किया तो उसकी तेल सुविधाओं को निशाना बनाया जाएगा। बता दें कि स्ट्रेट बंद होने के कारण दुनिया के सामने वैश्विक ऊर्जा संकट खड़ा हो गया है। 

 

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बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर अटैक

इराक की राजधानी बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावास पर हमला किया गया है। अभी तक किसी ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां C-RAM एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़ी एक यूनिट को निशाना बनाया गया है। 28 फरवरी को अमेरिकी-इजरायली बमबारी में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान से जुड़े इस्लामिक रेजिस्टेंस संगठन अमेरिकी ठिकानों पर हमले को अंजाम दे रहा है।