आज के समय में कुत्ता पालना सिर्फ शौक नहीं बल्कि जिम्मेदारी बन चुका है। शहरों से लेकर छोटे कस्बों और गांवों तक लोग तेजी से पेट डॉग पाल रहे हैं। सोशल मीडिया पर पेटपैरेंट्स जैसे कीवर्ड ट्रेंड करते हैं। लोग कुत्तों को पालने के अपने-अपने अनुभव शेयर करते हैं लेकिन कई लोग जानकारी के अभाव में परेशानी में पड़ जाते हैं। कई लोग कुत्ता तो पाल लेते हैं लेकिन कुत्ते के खानपान के बारे में सही जानकारी ना होने के कारण अपने कुत्ते की सेहत के लिए परेशान रहते हैं। कई बार खाने की गलत आदतों की वजह से कुत्ता बीमार भी हो जाता है।
वेटरनरी डॉक्टर के अनुसार, कुत्ता पालने से पहले यह जानना जरूरी है कि उसे किस तरह का संतुलित भोजन देना चाहिए और किन चीजों से दूर रखना चाहिए। जिस तरह से इंसान के बच्चे को समय-समय पर अलग-अलग मौसम के हिसाब से खाना दिया जाता है ठीक उसी तरह कुत्ते के बच्चे को भी समय और उम्र के हिसाब से खाना दिया जाता है। इसके साथ ही हर महीने खाने पर कितना खर्च आएगा, इसका सही अनुमान होना भी जरूरी है। भारत में आज के समय में कुत्ते के खाने का खर्च उसकी नस्ल, साइज और खाने के प्रकार पर निर्भर करता है, जो आमतौर पर 1500 रुपये से लेकर 6000 रुपये या उससे अधिक तक जा सकता है।
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कुत्ते को क्या खिलाना चाहिए?
जानकारों का मानना है कि कुत्ते के खाने पर खास ध्यान देना बहुत जरूरी है। यॉर पेट की रिपोर्ट के अनुसार, कुत्ते को कुत्ते को हमेशा संतुलित और पोषण से भरपूर आहार देना चाहिए। इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट, विटामिन और मिनरल्स का सही संतुलन होना जरूरी है। कुत्ते को उबला हुआ चिकन, अंडा, चावल, दाल और हल्की उबली सब्जियां दी जा सकती हैं। चावल, ओट्स, शकरकंद और सब्जियां ऊर्जा और फाइबर का अच्छा स्रोत होती हैं और पाचन में मदद करती हैं।
आजकल शहरों में पैकेट वाला डॉग फूड काफी लोग इस्तेमाल कर रहे हैं। एक्सपर्टस का कहना है कि अगर आप पैकेट वाला डॉग फूड देते हैं तो ध्यान रखें कि वह संतुलित और भरोसेमंद ब्रांड का हो। मार्केट में कई फर्जी ब्रांड भी डॉग फूड बेच रहे हैं जो आपके पेट की सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं। भारत में कई वेटरनरी डॉक्टर Royal Canin, Farmina और Hill Science Diet जैसे ब्रांड को बेहतर मानते हैं क्योंकि इनमें कुत्ते की जरूरत के हिसाब से पोषण दिया जाता है।
पिल्लों के लिए खाना ज्यादा जरूरी होता है क्योंकि उनका विकास तेजी से होता है। पिल्लों को खाना देते समय विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। उन्हें दिन में 3 से 4 बार खाना देना चाहिए, जबकि बड़े कुत्तों को दिन में 2 बार खाना पर्याप्त होता है। इसके साथ ही पिल्लों को हल्का खाना दिया जाना चाहिए ताकि वह उसे आसानी से पचा सकें। पिल्ले ज्यादा बीमार भी होते हैं ऐसे में डॉक्टर की सलाह पर ही खाना दें।
कुत्ते को क्या ना खिलाएं?
कई बार लोग अनजाने में कुत्ते को ऐसा खाना दे देते हैं जो उसके लिए खतरनाक होता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, कुत्ते को चॉकलेट, प्याज, अंगूर, ज्यादा नमक और ज्यादा मसाले वाला खाना नहीं देना चाहिए। ये चीजें कुत्ते के शरीर के लिए जहरीली साबित हो सकती हैं। इसके अलावा कुत्ते को बासी खाना, तला हुआ भोजन या ज्यादा तेल वाला खाना भी नहीं देना चाहिए। दूध भी कई कुत्तों को सूट नहीं करता क्योंकि उनमें लैक्टोज पचाने की क्षमता कम होती है, जिससे पेट खराब हो सकता है। ऐसे में दूध देने से पहले डॉक्टर की सलाह ले लें।
कई लोग जो खाना खुद खाते हैं वही खाना कुत्तों को भी दे देते हैं। इंसानों के लिए जो खाना बनाया जाता है आमतौर पर उसमें ज्यादा मसाले होते है। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि कुत्ते को इंसानों का बचा हुआ खाना नियमित रूप से नहीं देना चाहिए, क्योंकि उसमें संतुलित पोषण नहीं होता और इससे मोटापा या बीमारी का खतरा बढ़ सकता है।
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खाने पर कितना खर्च आ सकता है?
कुत्ता पालने से पहले लोगों के मन में एक सवाल होता है कि कुत्ते को पालने के लिए उसका खर्च कितना होगा। उसके खाने पर कितना खर्त हो सकता है। भारत में कुत्ते के खाने का खर्च कई बातों पर निर्भर करता है। अगर आप बजट डॉग फूड लेते हैं तो इसकी कीमत लगभग 180 से 300 रुपये प्रति किलो तक होती है। मिड रेंज डॉग फूड 300 से 500 रुपये प्रति किलो तक आता है, जबकि प्रीमियम डॉग फूड 500 रुपये प्रति किलो या उससे ज्यादा का हो सकता है। औसतन देखा जाए तो छोटे कुत्ते के खाने पर हर महीने 1500 से 2500 रुपये तक खर्च आता है, जबकि बड़े कुत्ते के लिए यह खर्च 3000 से 6000 रुपये या उससे ज्यादा भी हो सकता है।
अगर आप घर का खाना देते हैं तो खर्च थोड़ा कम हो सकता है लेकिन इसमें पोषण का संतुलन बनाए रखना जरूरी होता है। कई एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि घर का खाना और पैकेज्ड फूड दोनों को बदल-बदल कर देना चाहिए। इससे आपका खर्च भी कम होगा और कुत्ते को संतुलित खाना भी मिल पाएगा।
घर का खाना या पैकेट फूड?
अगर आप पहली बार कुत्ता पाल रहे हैं तो आपके मन में एक सवाल जरूर आएगा कि कुत्ते के लिए घर का खाना बेहतर रहेगा या फिर पैकेट वाला खाना। घर का खाना ताजा और सस्ता होता है लेकिन इसमें सही पोषण संतुलन बनाना थोड़ा मुश्किल होता है। वहीं पैकेट वाला डॉग फूड वैज्ञानिक तरीके से बनाया जाता है और इसमें सभी जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं। पैकेट वाला फूड खरीदते समय आपको उसके ब्रांड पर खास ध्यान रखना है क्योंकि मार्केट में कई फर्जी ब्रांड भी हैं, जिनका कुत्ते की सेहत पर गलत असर पड़ सकता है। हालांकि, अगर आप घर का खाना और पैकेट फूड के बीच बैलेंस बनाकर चलें तो यह आपके लिए सही हो सकता है।
कितना खाना देना चाहिए?
कुत्ते को कितना खाना देना है यह उसकी उम्र, वजन और एक्टिविटी पर निर्भर करता है। आमतौर पर पिल्लों को उनके शरीर के वजन का 5 से 10 प्रतिशत तक भोजन दिया जा सकता है, जिसे दिन में कई बार बांटकर दिया जाता है। वहीं बड़े कुत्तों को जरूरत के हिसाब से सीमित मात्रा में खाना देना चाहिए, ताकि उनका वजन संतुलित रहे और मोटापा न बढ़े। हर एक कुत्ते को अलग-अलग मात्रा में खाना दिया जाना चाहिए।
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गलत खाना भारी पड़ सकता है
अगर कुत्ते को सही खाना नहीं दिया जाता है तो वह जल्दी बीमार पड़ सकता है। इससे डॉक्टर, दवाइयों और इलाज पर ज्यादा खर्च करना पड़ता है। इसलिए शुरुआत से ही सही डाइट देना जरूरी है। जानकारों का कहना है कि संतुलित और सही भोजन देने से कुत्ता लंबे समय तक स्वस्थ रहता है और उसका कुल खर्च भी नियंत्रित रहता है। ऐसे में आप कुत्ते के खाने पर विशेष ध्यान रखें। अगर जरूरी हो तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
