असम विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने राज्य की फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इस बार आयोग ने न सिर्फ पुराने डेटा को अपडेट किया, बल्कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के जरिए लिस्ट को पूरी तरह से साफ भी किया। घर-घर जाकर वेरिफिकेशन के बाद राज्य में अब कुल 2.49 करोड़ रजिस्टर्ड वोटर हैं।
असम की राजनीति में हमेशा चर्चा का विषय रहे डी-वोटर्स को इस बार भी मेन लिस्ट से बाहर कर दिया गया है। अभी राज्य में 93,021 डी-वोटर्स हैं। ये वे लोग हैं, जिनकी नागरिकता का मामला ट्रिब्यूनल में पेंडिंग है। कानून के मुताबिक जब तक उनकी नागरिकता साफ नहीं हो जाती तब तक वे वोट देने के हकदार नहीं हैं और उन्हें वोटर आईडी कार्ड भी नहीं दिए जाते।
यह भी पढ़ें: भारत में रह रही बहन ने बांग्लादेशी भाई को डोनेट कर दी किडनी
2.43 लाख नाम हटाए गए
चुनाव आयोग ने इस बार मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार राज्य के 61 लाख से अधिक घरों में अधिकारियों ने व्यक्तिगत रूप से जाकर जांच की। इस अभियान के दौरान ड्राफ्ट सूची से करीब 2.43 लाख ऐसे नाम हटा दिए गए, जो नियमों के अनुसार वोट देने के पात्र नहीं थे। कुल मिलाकर मृत्यु, स्थानांतरण या डुप्लीकेट एंट्री के चलते 10.56 लाख नामों पर चुनाव आयोग की कैंची चली है।
नए वोटर लिस्ट पर डालें नजर
- कुल वोटर: 2.49 करोड़
- पुरुष वोटर: 1.24 करोड़
- महिला वोटर: 1.24 करोड़
- थर्ड जेंडर: 343
- कुल मतदान केंद्र: 31,486
यह भी पढ़ें: नितेश राणे का विवादित बयान, सलमान खान को बताया उद्धव ठाकरे से 'ज्यादा हिंदू'
चुनाव के बाद फिर होगा पुनरीक्षण
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि विधानसभा चुनाव के बाद एक और व्यापक विशेष गहन पुनरीक्षण कराया जाएगा। इस बीच चुनाव आयोग ने दो दिवसीय बैठक में राज्य की चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में जिलों की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था एजेंसियों के साथ समन्वय का आकलन किया गया।
