हाल ही में 30 हजार कर्मचारियों की छंटनी करने वाली अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी ओरेकल ने चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) के पद पर 48 वर्षीय हिलेरी मैक्ससन को नियुक्त किया है। एक नियामक फाइलिंग में ओरेकल ने बताया कि मैक्ससन को 950,000 डॉलर का सालाना मूल वेतन मिलेगा। वहीं 2.5 मिलियन डॉलर का बोनस भी मिलेगा। इसके अलावा उन्हें 26 मिलियन डॉलर का इक्विटी अनुदान भी दिया जाएगा।
अगर भारतीय मुद्रा में बात करें तो मैक्ससन का मूल वेतन करीब 8.76 करोड़ रुपये सालाना बनता है। वहीं बोनस की रकम 23.12 करोड़ रुपये होगी। इक्विटी अनुदान लगभग 240 करोड़ रुपये मूल्य के होंगे। मैक्ससन को कंपनी ढाई लाख डॉलर का स्थानांतरण भत्ता भी देगी। अगर सभी को मिला दिया जाए तो उनका पैकेज 29.7 मिलियन डॉलर तक बनता है। भारतीय रुपये में पूरा पैकेज करीब 275 करोड़ रुपये का होगा।
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तत्काल प्रभाव से लागू हुई हिलेरी की नियुक्ति
हिलेरी मैक्ससन के पास बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक अनुभव है। इससे पहले वह फ्रांसीसी कंपनी श्नाइडर इलेक्ट्रिक में ग्रुप सीएफओ के रूप में काम कर चुकी हैं। ओरेकल में उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। मैक्ससन ओरेकल के को-सीईओ क्ले मैगौर्क को रिपोर्ट करेंगी।
श्नाइडर की सूरत बदलने में योगदान
अपने करियर की शुरुआत में हिलेरी मैक्ससन ने करीब 12 साल बिजली कंपनी एईएस कॉर्प में नौकरी की। यहां कई जिम्मेदारियां निभाईं। 2017 से पहले श्नाइडर एक विद्युत उपकरण आपूर्तिकर्ता थी। मगर हिलेरी मैक्ससन के आने के बाद यह कंपनी डेटा और एआई के माध्यम से डिजिटल ऊर्जा प्रौद्योगिकी पार्टनर में तब्दील हो गई है।
बढ़ते कर्ज और खर्च से ओरेकल परेशान
ओरेकल बाकी टेक कंपनियों की तरह एआई पर अधिक निवेश कर रहा है। मगर उसके बढ़ते खर्च से निवेशक चिंतित हैं। यही कारण है कि कंपनी बड़े पैमाने पर छंटनी कर रही है। भारत में 12 हजार समेत दुनियाभर में 30 हजार कर्मचारियों को निकाला गया है। कंपनी पर बढ़ते कर्ज के बीच निवेशक अब एआई पर होने वाले निवेश की बारीकी से जांच करने में जुटे हैं।
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2022 से 2024 तक संयुक्त रूप से ओरेकल का फ्री कैश फ्लो 25.3 बिलियन डॉलर था। वहीं वित्तीय वर्ष 2024 में 394 मिलियन डॉलर घाटे की सूचना दी। कंपनी का अनुमान है कि मई से खत्म होने वाले वित्तीय वर्ष में 50 अरब डॉलर का पूंजीगत व्यय होगा। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में दोगुना से भी ज्यादा है। इन्हीं सभी वजह से कंपनी के शेयर में अब तक 25 फीसद की गिरावट देखने को मिली है। अब कंपनी कर्ज और इक्विटी बिक्री से 50 अरब डॉलर तक फंड जुटाने की तैयारी में है।
