लाखों लोगों को नौकरी देने वाले शहर नोएडा का फुल फॉर्म नॉर्थ ओखला इंडस्ट्रियल डेवलमेंट अथॉरिटी (NOIDA) है। इसके नाम में ही इंडस्ट्री है और यही इंडस्ट्री भारत की इकॉनमी में अरबों रुपयों का योगदान देती है और लाखों-करोड़ों लोगों के घर का चूल्हा इसी शहर से चलता है। नोएडा में 10 से 15 हजार कंपनियां, छोटी-मोटी यूनिट और तमाम अनऑर्गनाइज्ड उद्योग हैं। इनके अलावा कई मल्टी नेशनल कंपनियों (MNCs) ने भी नोएडा में अपने दफ्तर, फैक्ट्री और प्लांट लगा रखे हैं जिनके चलते यह शहर उत्तर प्रदेश के साथ-साथ देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में शामिल है और हर साल निर्यात में भी इसकी हिस्सेदारी अच्छी-खासी रहती है।
मौजूदा वक्त में नोएडा शहर चर्चा में है क्योंकि इन्हीं कंपनियों में काम करने वाले तमाम मजदूरों और कामगारों ने आंदोलन कर दिया है। वेतन, काम के घंटों, बोनस और अन्य मांगों को लेकर सड़क पर उतरे मजदूरों का यह प्रदर्शन सोमवार को हिंसक हो गया और कई जगहों पर आगजनी भी हुई। अब मदरसन, पैरामाउंट, एसएनडी और ऋचा ग्बोलल जैसी तमाम कंपनियां चर्चा में हैं क्योंकि सबसे ज्यादा इन्हीं के कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। आइए विस्तार से समझते हैं कि नोएडा में किस तरह की कंपनियां हैं और वे क्या-क्या बनाती हैं।
कितना अहम है नोएडा?
लगभग 163 सेक्टरों में बंटा नोएडा मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग, आईटी सर्विस, वेयरहाउसिंग, ऑटोमोबाइल पार्ट मैन्युफैक्चरिंग, टेक्सटाइल प्रोडक्ट और अन्य चीजों की मैन्युफैक्चरिंग के लिए जाना जाता है। आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनियां जैसे कि HCL, विप्रो, और TCS इस शहर में बसी हुई हैं। इनके अलावा, सैमसंग, अडोबी, एरिक्सन और नोकिया जैसी कंपनियां भी नोएडा से काम करती हैं। इनके अलावा बड़े स्तर पर लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर की हजारों कंपनियां भी नोएडा में स्थित हैं।
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कॉटन, सिल्क, चमड़े के उत्पाद, सॉफ्टरवेयर, लड़की के उत्पाद, प्लाईवुड हाथ से बनी चीजें, गहने और जवाहरात, कढ़ाई वाली चीजें, केमिकल और सॉफ्टवेयर जैसी चीजें नोएडा से बाहर खूब बेची जाती हैं। आर्थिक दृष्टि से देखा जाए तो गौतम बुद्ध नगर जिला उत्तर प्रदेश के लिए सबसे खास है। इस जिले के लोगों के प्रति व्यक्ति आय 10.17 लाख रुपये है। उत्तर प्रदेश के इकनॉमिक सर्वे के मुताबिक, साल 2023-24 में इस अकेले जिले की जीडीपी 2.63 लाख करोड़ रुपये की है जो की राज्य की जीडीपी के 10 प्रतिशत हिस्से के बराबर है।
निर्यात में भी आगे है नोएडा
अगर भारत के उन शहरों को देखें जो निर्यात से खूब कमाई करते हैं तो टॉप-10 की लिस्ट में उत्तर प्रदेश का एकमात्र शहर गौतम बुद्ध नगर है। एक साल में लगभग 94 हजार करोड़ रुपये की कमाई नोएडा सिर्फ निर्यात से ही करता है। इसमें ज्यादा योगदान आईटी सर्विस देने वाली कंपिनयों का है क्योंकि ये कंपनियों दूसरे देशों के लिए आउटसोर्स कंपनी की तरह काम करती हैं और सर्विस का निर्यात करती हैं।
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MSME का धुरंधर है नोएडा
बीते कुछ समय में छोटे स्तर की मैन्युफैक्चरिंग और असेंबलिंग करने वाली हजारों MSMEs नोएडा में लगी हैं। ये कंपनियां मेडिकल डिवाइस, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बाइक, कार और ईवी के पार्ट्स, गारमेंट्स, फूड प्रोसेसिंग, प्रिंटिंग, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइनिंग जैसे काम करती हैं। इसमें से ज्यादातर कंपनियों में 20 से लेकर 500 लोग तक काम करते हैं।
इन कंपनियों में काम करने वाले लोगों के अलावा हजारों की लाखों की संख्या में ऐसे लोग हैं जो खाने-पीने की चीजों की दुकान या ठेला लगाते हैं, ऑटो-रिक्शा या ट्रांसपोर्ट के अन्य साधन चलाते हैं, घरों में काम करके कमाई करते हैं और अन्य अप्रत्यक्ष रोजगार से जुड़े हैं। इस तरह नोएडा शहर की कंपनियों के अलावा यह शहर भी लाखों लोगों को रोजगार देता है।
