दुनियाभर में नर्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। एक अनुमान के अनुसार, अकेले ऑस्ट्रेलिया के हेल्थ सर्विस सेक्टर में 2025 में 70 हजरा नर्सों की कमी का अनुमान था और 2030 तक यह संख्या बढ़कर 1,23,000 हो सकती है। ऑस्ट्रेलिया के अलावा भी कई देशों में नर्सों की मांग बढ़ रही है और इनमें भारत भी शामिल है। ऐसे में युवाओं के लिए हेल्थ केयर सेक्टरमें नर्सिंग की जॉब्स एक शानदार करियर विकल्प हो सकता है और इस सेक्टर में करियर बनाने के लिए आपको 10वीं की बोर्ड परीक्षा के बाद से ही अपनी तैयारी शुरू करनी होती है।
हेल्थ केयर सेक्टर में करियर बनाने के लिए ज्यादातर लोग पहले डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं लेकिन कई लोग सीटें कम होने की वजह से कॉलेजों में दाखिला नहीं ले पाते। ऐसे लोगों के लिए भी नर्सिंग एक विकल्प के तौर पर मौजूद होता है। मौजूदा समय में एक अनुमान के मुताबिक, भारत में 39 लाख से ज्यादा नर्स हैं लेकिन 140 करोड़ की आबादी के हिसाब से यह अभी भी बहुत कम हैं।
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कैसे बनें नर्स?
भारत में नर्सिंग की पढ़ाई इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) की देख रेख में होती है। यह भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत आता है और एक ऑटोनोमस बॉडी है। अगर आप नर्सिंग में करियर बनाना चाहते हैं तो आपको 10वीं के बाद मेडिकल साइंस की पढ़ाई करनी होगी। हालांकि, कुछ कोर्स ऐसे भी हैं जो कॉमर्स और आर्ट्स के स्टूडेंट भी कर सकते हैं।
नर्सिंग के लिए आप सहायक नर्स मिडवाइफ यानी एएनएम का कोर्स कर सकते हैं। यह 2 साल का कोर्स होता है। इसके बाद जेनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (जेएनएम) होता है जो 3 साल 6 महीने का कोर्स होता है। इस कोर्स के बाद आप रजिस्टर्ड नर्स के तौर पर काम कर सकते हैं। इसके लिए बेसिक क्वालिफिकेशन 12वीं पास होती है और 12वीं की एजुकेशन किसी भी स्ट्रीम से पास आउट होनी चाहिए।
नर्सिंग सेक्टर में बीएससी नर्सिंग एक बहुत ही मशहूर कोर्स है। इसके लिए आपको 12वीं साइंस स्ट्रीम से करनी होती है। इसमें आपके पास फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी आपके सब्जेक्ट होने चाहिए। ज्यादातर संस्थानों में एडमिशन के लिए 12वीं में 45 प्रतिशत नंबरों की मांग की जाती है। बीएससी नर्सिंग के बाद आप एमएससी नर्सिंग कर सकते हैं और इसी नर्सिंग फील्ड में आप पीएचडी नर्सिंग भी कर सकते हैं।
करियर ग्रोथ
नर्सिंग सेक्टर में देश और विदेश दोनों जगह बढ़िया करियर ग्रोथ हैं। शुरुआती सैलरी को लेकर ज्यादातर लोगों के मनों में सवाल होता है लेकिन इसका कोई स्टीक जवाब नहीं है। सैलरी कितनी होगी यह कई चीजों पर निर्भर करता है। अगर आपको किसी बड़े सरकारी अस्पताल में नौकरी मिलती है तो आपकी सैलरी 50-80 हजार महीने के बीच हो सकती है। इसके अलावा किसी छोटे सरकारी अस्पताल में 40-50 हजार तक सैलरी हो सकती है। एक अनुमान के अनुसार, करीब 6.5 लाख भारतीय नर्स दूसरे देशों में काम कर रही हैं। विदेश में नर्सिंग की नौकरी करने के लिए आपको वीजा नियमों का पालन, भाषा और वहां के जरूरी टेस्ट करने होते हैं। पूरी प्रक्रिया करने के बाद आप विदेश जाकर नर्स की नौकरी कर सकते हैं।
अगर आप किसी प्राइवेट अस्पताल में नौकरी करते हैं तो आपकी शुरुआती सैलरी 25-30 हजार तक हो सकती है। इस सेक्टर में लगातार मांग बढ़ रही है, इसलिए सभी योग्य युवाओं को नौकरी मिल जाती है। अगर आप मुंबई, बेंगलुरु जैसे किसी बड़े शहर में प्राइवेट अस्पताल में नौकरी कर रहे हैं तो आपकी सैलरी 40-50 हजार तक भी हो सकती है। अनुभव बढ़ने के साथ-साथ आपकी सैलरी भी लगातार बढ़ती जाती है।
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इसके साथ ही अगर आपने बीएससी नर्सिंग की है तो आप हायर एजुकेशन के लिए एमएससी नर्सिंग भी कर सकते हैं। यानी आप हायर एजुकेशन का विकल्प भी चुन सकते हैं। कई स्टूडेंट्स एमएससी और पीएचडी करने के बाद टीचिंग लाइन में तो कई हायर एजुकेशन पूरी करने के बाद बड़े पदों पर नौकरियां करते हैं।
विदेश में भी अवसर
यूरोप में हर एक डॉक्टर के हिसाब से चार से पांच नर्स हैं और लगातार नर्सों की मांग बढ़ती जा रही है। भारत को इस मानक तक पहुंचने के लिए अभी कम से कम 20 लाख और नर्सों की जरूरत है। ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में दूसरे देशों से नर्सों को लाया जा रहा है। ऐसे में विदेश में भी नर्सिंग करियर में कई विकल्प हैं।
