पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होने हैं और 4 मई को नतीजों की घोषणा होगी। इन चुनावों के लिए चुनाव आयोग भी तैयारियों में जुटा है और चुनाव आयोग को लेकर कई विवाद भी सामने आए हैं। एक ताजा विवाद चुनाव आयोग की हाल में हुई एक हाई लेवल मीटिंग में हुआ है। एक सीनियर ऑब्जर्वर ने मीटिंग में खुले तौर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को चुनौती दे दी। इसके बाद मीटिंग में माहौल गर्मा गया। मीटिंग के तुरंत बाद ऑब्जर्वर को उनके पद से हटा दिया गया।
चुनावों को लेकर चुनाव आयोग की एक ऑनलाइन मीटिंग थी। इस मीटिंग के दौरान कूच बिहार दक्षिण के पर्यवेक्षक अनुराग यादव ने ज्ञानेश कुमार की ओर से की गई टिप्पणियों पर आपत्ति जताई। सीईसी ज्ञानेश कुमार ने अधिकारी को घर वापस चले जाने के लिए कह दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, अनुराग यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि आप हमारे साथ ऐसा बर्ताव नहीं कर सकते। हमने इस सेवा में अपने 25 साल दिए हैं। आप इस तरह से बात नहीं कर सकते।
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बहस के बाद सन्नाटा
अनुराग यादव उत्तर प्रदेश सरकार में प्रमुख सचिव रैंक के अधिकारी हैं। उनके और सीईसी के बीच बहस हो गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस तीखी बहस के बाद बैठक में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया, जिसके बाद अन्य मुद्दों पर चर्चा फिर से शुरू हुई और मीटिंग खत्म हुई।
इस मीटिंग के कुछ ही समय बाद चुनाव आयुक्त ने अनुराग यादव को तत्काल प्रभाव से सामान्य पर्यवेक्षक के पद से हटा दिया। हालांकि, रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि चुनाव आयुक्त के ऑफिस से जानकारी दी जा रही है कि अनुराग यादव को सीईसी का विरोध करने के कारण पद से नहीं हटाया गया है। उनको हटाने के पीछे पेशेवर अक्षमता को मुख्य कारण बताया जा रहा है।
पद से क्यों हटाया?
रिपोर्ट्स के अनुसार, बैठक के दौरान अनुराग यादव से उनके निर्वाचन क्षेत्र में मतदान केंद्रों की संख्या से जुड़ा सवाल किया गया। हालांकि, इस सवाल का वह सही से जवाब नहीं दे पाए। इसी कारण सीईसी ज्ञानेश कुमार ने उनकी आलोचना की और यहीं से विवाद भी शुरू हुआ। इस घटना पर चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि एक पर्यवेक्षक आयोग की आंख और कान होता है। अगर कोई अधिकारी ग्राउंड पर कई दिन बिताने के बाद भी, मतदान केंद्रों की संख्या जैसी जानकारी की पुष्टि नहीं कर पाता, तो इससे पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
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चुनाव आयोग सख्त
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों को लेकर चुनाव आयोग काफी सख्त है। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव ड्यूटी में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। चुनाव आयोग बंगाल के संवेदनशील जिलों पर खास नजर बनाए हुए है। चुनाव ड्यूटी में लगे अन्य अधिकारियो के लिए अनुराग यादव पर की गई कार्रवाई को चेतावनी माना जा रहा है। चुनाव आयोग ने अनुराग यादव को हटाने के बाद नए अधिकारी की तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
