पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को देखते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने शुक्रवार को अपना चुनावी घोषणापत्र जारी किया। यह घोषणापत्र 'दीदी के 10 प्रतिज्ञा' पर आधारित है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह लोगों के लिए एक रोडमैप है, जो केंद्र की बढ़ती दखलंदाजी से बंगाल की पहचान बचाने का वादा करता है।

 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर जोरदार हमला किया। उन्होंने कहा कि केंद्र बंगाल के लोगों के अधिकार छीनने की साजिश रच रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव के बाद परिसीमन हो सकता है, जिससे राजनीतिक प्रतिनिधित्व बदल सकता है।

 

यह भी पढ़ें: राष्ट्रपति, PM या राज्यपाल हों, ममता बनर्जी सियासी लोड क्यों नही लेतीं?

बीजेपी पर लगाए आरोप

ममता ने कहा, 'लोग बीजेपी सरकार पसंद नहीं करते। बीजेपी केंद्र में वापस नहीं आएगी।' उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को कमजोर कर रहा है और कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों को फायदा पहुंचा रहा है।

 

पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में होंगे। पहला 23 अप्रैल को और दूसरा 29 अप्रैल को। वोटों की गिनती 4 मई को होगी।

टीएमसी के घोषणापत्र का मुख्य हिस्सा दीदी के 10 प्रतिज्ञाएं है। इसमें कई बड़े वादे किए गए हैं जिन्हें अगले पांच सालों में लागू करना है-

  • लक्ष्मीर भंडार योजना में महिलाओं की मदद बढ़ाई जाएगी। सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये मिलेंगे (500 रुपये की बढ़ोतरी) और एससी/एसटी महिलाओं को 1700 रुपये मिलेंगे।

  • बेरोजगार युवाओं के लिए बांग्लार युवा-साथी योजना जारी रहेगी, जिसमें हर महीने 1500 रुपये दिए जाएंगे।

  • किसानों के लिए 30,000 करोड़ रुपये का कृषि बजट बनेगा, जिसमें भूमिहीन किसानों को भी मदद मिलेगी।

  • हर परिवार को पक्का घर दिया जाएगा।

  • हर घर में नल से पीने का पानी पहुंचेगा।

  • हर साल द्वारे चिकित्सा कैंप लगेंगे, जहां घर-घर जाकर इलाज होगा।

  • सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचा बेहतर होगा।

  • बंगाल को पूर्वी भारत का व्यापार केंद्र बनाया जाएगा, जिसमें आधुनिक लॉजिस्टिक्स और ग्लोबल ट्रेड सेंटर होगा।

  • बुजुर्गों की पेंशन जारी रहेगी और ज्यादा लोगों को शामिल किया जाएगा।

  • सात नए जिले बनेंगे और शहरी निकायों का विस्तार होगा।

बीजेपी पर बोला हमला

चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले इतने बड़े पैमाने पर अफसरों का तबादला हो रहा है। 'अगर लोगों को राशन नहीं मिलेगा तो वे किसके पास जाएंगे?' उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षक बंगाल की जमीन नहीं जानते। ममता ने इसे 'अघोषित राष्ट्रपति शासन' बताया और कहा, 'मोदी जी ने बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया है, सिर्फ घोषणा नहीं की है। यह शर्म की बात है।'


यह भी पढ़ें: जब-जब आंदोलन पर उतरीं ममता बनर्जी, जीत उनकी हुई, BJP ने अतीत से क्या सीखा?

 

उन्होंने कहा कि बीजेपी लंबे समय से बंगाल को निशाना बना रही है। 'वे नहीं चाहते कि बंगाल देश में मजबूत राज्य बने रहे।' अंत में ममता ने लोगों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा, 'यह चुनाव सिर्फ बंगाल का नहीं, पूरे देश को मोदी से बचाने की लड़ाई है। अब समय है बीजेपी को सबक सिखाने का। बंगाल के लोग उन्हें मुंहतोड़ जवाब देंगे।'