बॉलीवुड एक्ट्रेस सेलिना जेटली और उनके पति पीटर हाग के बीच चल रहा डिवोर्स केस इन दिनों फिल्म इंडस्ट्री में काफी चर्चा में है। इस कानूनी लड़ाई के बीच सेलिना ने अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि पीटर हाग ने उन्हें जर्मन भाषा में डिवोर्स का नोटिस दिया जिसे समझने के लिए उन्हें अपने ही मासूम जुड़वा बच्चों की मदद लेनी पड़ गई। इसके साथ ही सेलिना का आरोप है कि पीटर ने उन्हें बच्चों से मिलने देने के बदले ऑस्ट्रिया के एक सुपरमार्केट में सफाई कर्मचारी की नौकरी करने की सलाह दी थी।  

 

सेलिना जेटली ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्हें अपने पति पीटर हाग से डिवोर्स का नोटिस मिला। वह दिन उनकी शादी की 15वीं सालगिरह का दिन था। पीटर उन्हें यह कागज लेने के लिए एक पोस्ट ऑफिस लेकर गए थे। वह नोटिस पूरी तरह से जर्मन भाषा में लिखा हुआ था। सेलिना को बहुत अच्छी जर्मन भाषा नहीं आती थी उन्होंने पीटर से उसे समझाने को कहा लेकिन पीटर ने साफ मना कर दिया।  

 

यह भी पढ़ें: 'प्रीतम एंड पेड्रो' की कहानी क्या है, जिसकी तारीफ कर रहे लोग?

 

इसके बाद पीटर ने सेलिना को उस पहाड़ी के नीचे छोड़ दिया जहां उनका घर था और वह खुद अकेले पैदल चलकर ऊपर आई। घर पहुंचकर उन्होंने देखा कि उनके दोनों जुड़वा बच्चे अपना होमवर्क कर रहे थे। सेलिना को लगा कि यह कागज म्युनिसिपैलिटी या उनके रहने के मकान से जुड़ा कोई आम पेपर है। उन्होंने अपने बच्चों से कहा, 'बेटा, क्या तुम इसे मेरे लिए पढ़ सकते हो? इसमें बहुत कठिन जर्मन लिखी है और मुझे इसे समझने में आधा घंटा लग जाएगा।' 

नोटिस में लगे अजीब आरोप

सेलिना के छोटे जुड़वा बच्चों ने उस डिवोर्स नोटिस को पढ़के सुनाया। उस नोटिस में सेलिना के खिलाफ बहुत अजीब बातें लिखी गई थीं। उसमें लिखा था कि पीटर उन्हें डिवोर्स इसलिए दे रहे हैं क्योंकि सेलिना अपने पति की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रही थीं और अब उनकी शादी पूरी तरह टूट चुकी है जिसे ठीक नहीं किया जा सकता। सेलिना ने बताया कि जब उन्होंने बच्चों के मुंह से यह सुना तो उन्हें लगा कि यह कोई मजाक चल रहा है।

 

इसके बाद कोर्ट के जज ने उन दोनों को आपस में प्यार से और शांति से अलग होने की सलाह दी थी। जज की बात सुनकर सेलिना ने तुरंत पीटर के वकीलों को एक प्रपोजल भेजा। उन्होंने कहा कि उन्हें पीटर से कोई संपत्ति या जायदाद नहीं चाहिए बस उनका लगाया हुआ पैसा, उनके एसेट्स और बच्चों की जॉइंट कस्टडी मिल जाए ताकि दोनों बच्चों को संभाल सकें।  

सुपरमार्केट में क्लीनर की नौकरी

जब सेलिना ने पीटर के वकील से बात की, तो वकील ने कहा कि डिवोर्स होने के बाद वह मुंबई वापस नहीं जा पाएंगी। यह सुनकर सेलिना खुद पीटर से बात करने गई। वहां पीटर ने उनसे एक बात कही। पीटर ने कहा, 'अगर तुम अपने बच्चों से मिलना चाहती हो, तो यहीं ऑस्ट्रिया देश में कोई नौकरी ढूंढ लो।'  जब सेलिना ने पूछा कि वह ऑस्ट्रिया में क्या काम करेंगी, तो पीटर ने जवाब दिया, 'मैं तुम्हें एक सुपरमार्केट में क्लीनर की नौकरी दिला दूंगा। हम यहां इस तरह के कामों को छोटा या खराब नहीं मानते, जैसा कि तुम लोग इंडिया में मानते हो।'  

घरेलू हिंसा का केस

सेलिना जेटली ने पीटर हाग से साल 2010 में शादी की थी। उनके तीन बच्चे हैं। साल 2017 में उनके दो जुड़वा बच्चों में से एक बच्चे की दिल की बीमारी की वजह से मौत हो गई थी। इस लंबे रिश्ते के बाद, नवंबर 2025 में सेलिना ने पीटर के खिलाफ 'प्रोटेक्शन ऑफ वीमेन फ्रॉम डोमेस्टिक वायलेंस एक्ट' के तहत केस दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि पीटर उनके साथ लगातार मारपीट और घरेलू हिंसा करते थे।  

 

मुंबई पुलिस ने सेलिना की शिकायत पर पीटर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की है और सेलिना ने कोर्ट से खर्चे के लिए पैसे और मुआवजे की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि जॉइंट कस्टडी होने के बाद भी पीटर उन्हें बच्चों से मिलने नहीं दे रहे हैं।  

 

यह भी पढ़ें: कहां गायब हैं पंजाब के 25000 गायब लोग? रुला देगी दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज'

हाग परिवार का पलटवार

इस पूरे विवाद के बीच मई महीने में मुंबई की एक लॉ फर्म 'सेमवाल एंड कंपनी' ने बताया कि सेलिना के पति पीटर हाग और उनके ससुर डीआई वोल्फगैंग जे हाग ने सेलिना को अलग-अलग लीगल नोटिस भेजे हैं। इस नोटिस में उन्होंने सेलिना पर आरोप लगाया है कि वह इंटरव्यूज और सोशल मीडिया के जरिए उनके परिवार का नाम खराब कर रही हैं।  

 

पीटर के परिवार ने मारपीट, प्रताड़ना और धमकी देने के सभी आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया है। उन्होंने इस बात पर भी गुस्सा जताया कि सेलिना बार-बार अपने तीनों बच्चों का नाम पब्लिक में घसीट रही हैं। परिवार ने सेलिना से सोशल मीडिया से उन बातों को हटाने और सबके सामने माफी मांगने को कहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सेलिना ने ऐसा नहीं किया तो वे उनके खिलाफ कोर्ट में सिविल और क्रिमिनल केस करेंगे।