अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच संघर्ष छिड़ा है। एक-दूसरे के शहरों पर गोलीबारी की जा रही है। पाकिस्तान ने अपने हमले में 133 तालिबानियों के मारे जाने का दावा किया है। वहीं अफगानिस्तान का कहना है कि उसने पाकिस्तान की 19 चौकियों पर कब्जा कर लिया है और 55 से अधिक सैनिकों को मौत के घाट उतारा है। शुक्रवार को अफगानिस्तान ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद, एबटाबाद और पेशावर में ड्रोन स्ट्राइक की। कई सैन्य ठिकानों को तबाह करने का दावा किया। उधर, पाकिस्तान सेना ने सिर्फ 12 सैनिकों की मौत की बात कबूल की है।
तुर्की और कतर दोनों पक्षों को शांत कराने में जुटे हैं। हालांकि अब भी तनाव व्याप्त है। शुक्रवार को तुर्की के विदेश मंत्री हकन फिदान ने तालिबान के विदेश मंत्री और पाकिस्तान के विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत भी की।
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इस्लामाबाद के साथ बढ़ते तनाव के बीच अफगानिस्तान के गृह मंत्री खलीफा सिराजुद्दीन हक्कानी ने शुक्रवार को पाकिस्तान को बड़ी चेतावनी दी। जुमे की नमाज के बाद उन्होंने कहा, 'अफगान लोग एक साथ मिलकर पाकिस्तान के खिलाफ लड़ने को तैयार हैं। जैसे नाटो के खिलाफ जंग लड़ी, अगर वैसी एक दिन की भी जंग छेड़ दी तो वे उस देश (पाकिस्तान) का नक्शा बदल देंगे।'
बातचीत का दरवाजा खुला है: हक्कानी
हक्कानी ने पाकिस्तान से ऐसी हरकत से बचने की अपील की, जिनसे तनाव बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि बातचीत का दरवाजा खुला है। हक्कानी ने आगे कहा कि तालिबान ने दुनिया को हराया है। हमारी जीत एडवांस्ड टेक्नोलॉजी या मिलिट्री इक्विपमेंट से नहीं, बल्कि पक्के इरादे, एकता और आम सहमति से मिली है।
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हाल ही में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एयर स्ट्राइक की थी। 26 फरवरी की रात तालिबान ने पाकिस्तान सीमा पर भीषण गोलीबारी कई। कई चौकियों पर कब्जा किया और सैनिकों को मौत के घाट उतारा। इन हमलों की धमक इस्लामाबाद तक सुनाई पड़ी। गुरुवार की रात ही पाकिस्तान की सेना ने जवाबी एयर स्ट्राइक की। बदले में अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के कई मिलिट्री ठिकानों पर हमला किया।
