अमेरिका और ईरान के मध्य बातचीत के बावजूद तनाव है। इस बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिका जा रहे हैं। वे बुधवार सुबह ट्रंप से मुलाकात करेंगे। ईरान मुद्दे पर इजरायल की चिंताओं को साझा करेंगे। इस बीच, खुलासा हुआ है कि ईरान किसी भी संघर्ष की स्थिति से निपटने की तैयारी में जुटा है।
इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया कि ईरान ने अपने इस्फहान परमाणु स्थल के सभी टनल को मिट्टी से बंद कर दिया है। ताजा सैटेसाइट इमेज से पता चला है कि इस्फान परमाणु प्लांट के मध्य और दक्षिणी प्रवेश द्वार को मिट्टी से पूरी तरह ढक दिया गया है। उत्तरी सुरंग को भी मिट्टी भरकर सील कर दिया गया है। इन प्रवेश द्वारों के आसपास किसी वाहन की कोई गतिविधि नहीं देखी जा रही है।
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इस्फान को ईरान का बेहद सुरक्षित परमाणु संयंत्र माना जाता है। पिछले साल अमेरिका ने इस्फान के अलावा फोर्डो और नतांज प्लांट पर बमबारी की थी। अमेरिका का दावा था कि प्लांट को तबाह कर दिया गया है, लेकिन कई विश्लेषकों ने मामूली नुकसान की बात मानी थी।
क्यों परमाणु प्लांट के दरवाजे मिट्टी से ढक रहा ईरान?
इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी ने अपनी रिपोर्ट में आगे कहा कि ऐसा लगता है कि ईरान इस बेहद सुरक्षित परमाणु संयंत्र पर अमेरिका और इजरायल के हवाई हमले या छापेमारी कार्रवाई को लेकर बेहद चिंतित है। उसका लगता है कि अगर टनल में मिट्टी भर दी जाएगी तो संभावित हमले का प्रभाव कम हो जाएगा। अगर अमेरिका और इजरायल के विशेष बल जमीनी एक्शन लेते हैं तो प्लांट के अंदर रखे उच्च संवर्धित यूरेनियम को जब्त करना बेहद मुश्किल होगा।
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क्या अमेरिका दबाव के आगे झुकेगा ईरान?
अमेरिका लगातार ईरान पर परमाणु कार्यक्रम बंद करने, बैलेस्टिक मिसाइल प्रोग्राम से पीछे हटने और संवर्धित यूरेनियम को सौंपने का दबाव बना रहा है। हालांकि ईरान साफ कह दिया है कि वह अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम से पीछे नहीं हटेगा। समझौता न होने की स्थित में अमेरिका ने हमले की धमकी दी है। जवाब में ईरान ने कहा कि अमेरिका का कोई भी हमला पूरे इलाके को युद्ध क्षेत्र में तब्दील कर देगा। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी के मुताबिक ईरान के पास 440 किलोग्राम से अधिक उच्च संवर्धित यूरेनियम है।
