बांग्लादेश आज अपने स्वतंत्रता के 55 साल बाद सबसे महत्वपूर्ण चुनाव का गवाह बना। 2024 के कथित रूप से छात्र-आंदोलन ने शेख हसीना की 15 साल की सत्ता को उखाड़ फेंका था। आज 12 फरवरी को 13वीं संसदीय चुनाव के साथ ही जुलाई चार्टर पर राष्ट्रीय जनमत संग्रह भी हुआ। 12.77 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं ने 299 सीटों (एक सीट पर उम्मीदवार की मौत के कारण रद्द) के लिए वोट डाले। अवामी लीग पर प्रतिबंध के कारण मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के तारिक रहमान और जमात-ए-इस्लामी के शफीकुर रहमान के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन के बीच रहा।
सुबह 7:30 बजे (स्थानीय समय) देशभर के 42,651 मतदान केंद्र खुल गए। ढाका, चटगांव, सिलेट से लेकर दूरदराज के गांवों तक लंबी-लंबी कतारें लगीं। कई मतदाता रात 2-3 बजे से ही पहुंच गए थे। युवा मतदाता, खासकर पहली बार वोट डालने वाले लगभग 50 लाख जेन-ज़ी मतदाता उत्साहित थे। एक 28 वर्षीय मतदाता इकरामुल हक ने कहा, ‘यह पहला मौका है जब हम बिना डर के अपना मत दे सकते हैं।’
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बड़े नेताओं ने डाला वोट
अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने सुबह ढाका में वोट डाला और इसे ‘नए बांग्लादेश का जन्मदिन’ बताया। उन्होंने कहा, ‘यह आजादी का दिन है, 2024 के दुःस्वप्न का अंत और नई उम्मीद का आरंभ।’ बीएनपी चेयरमैन तारिक रहमान (17 साल के निर्वासन के बाद) ने गुलशन मॉडल हाई स्कूल में वोट डाला और सोशल मीडिया पर लिखा, ‘बड़ी संख्या में वोट डालकर साजिशों को हराएं।’ जमात प्रमुख शफीकुर रहमान ने भी सुबह 8:30 बजे वोट डाला और मतदाताओं से अपील की कि वे लोकतंत्र की रक्षा करें।
दोपहर 12 बजे तक 32.88% मतदान दर्ज हुआ (32,789 केंद्रों पर)। दोपहर 2 बजे तक यह आंकड़ा 47-48% तक पहुंच गया। बांग्लादेश के मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि मतदान ‘शांतिपूर्ण और उत्साहजनक’ रहा।
छिटपुर हिंसा की घटना
मतदान ज्यादातर शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कुछ स्थानों पर तनाव भी देखा गया।
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गोपालगंज में एक मतदान केंद्र पर क्रूड बम विस्फोट से तीन लोग घायल (दो अंसार सदस्य और एक 14 वर्षीय लड़की)।
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मुंशीगंज में दूसरे केंद्र पर बम विस्फोट के बाद बीएनपी और निर्दलीय समर्थकों में झड़प।
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खुलना में बीएनपी नेता मोहिबुज्जमान कोची की जमात कार्यकर्ताओं से झड़प में मौत (हृदय रोगी थे)।
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चुनाव से एक दिन पहले मौलवी बाजार में एक हिंदू चाय बागान मजदूर रतन शुवो कार की हत्या (हाथ-पैर बंधे मिला), इस घटना ने अल्पसंख्यकों के प्रति हिंसा को लेकर चिंता प्रकट कर दी।
जमात-ए-इस्लामी ने आरोप लगाया कि कई जगहों पर फर्जी वोट डालने की कोशिश हुई, मतदान एजेंटों पर हमले हुए और महिलाओं से छेड़छाड़ की गई। उन्होंने कमिला-8, शरियतपुर-2 और पतुखाली-1 में वोट रद्द करने की मांग की। बीएनपी ने भी रात भर के ‘अप्रत्याशित घटनाक्रम’ का जिक्र किया लेकिन सुरक्षा बलों की सराहना की।
कुल मिलाकर 400 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक (यूरोपीय संघ के 200 सहित) और 200 विदेशी पत्रकार मौजूद रहे। यूरोपीय संघ के मुख्य पर्यवेक्षक इवार्स इजाब्स ने कहा, ‘यह बांग्लादेश के लोकतंत्र का बड़ा दिन है।’
शाम 4:30 बजे मतदान समाप्त
शाम 4:30 बजे तक मतदान खत्म हो गया। इसके बाद तुरंत वोटों की गिनती की प्रक्रिया शुरू हो गई। प्रत्येक केंद्र पर पहले बैलट पेपर गिनकर बैलट बॉक्स खोले गए, फिर एक-एक बैलट की जांच हुई। परिणाम पहले केंद्र स्तर पर तैयार कर रिटर्निंग अधिकारी को भेजे जा रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि अनौपचारिक रुझान आधी रात के आसपास और पूरे नतीजे शुक्रवार सुबह तक आ सकते हैं।
अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार यूनुस ने मतदान समाप्ति पर बयान जारी कर कहा, ‘यह बांग्लादेश के इतिहास का सबसे शांतिपूर्ण और उत्साहजनक चुनाव रहा। मतदाताओं, पार्टियों, चुनाव आयोग, सुरक्षा बलों और प्रशासन को धन्यवाद। यह नई बांग्लादेश की यात्रा का आरंभ है।’ उन्होंने सभी से अपील की कि नतीजों के बाद भी एकजुट रहें।
शेख हसीना का बयान
भारत में निर्वासन में रह रही शेख हसीना ने चुनाव को ‘फर्जी, अवैध और बिना मतदाताओं वाला’ करार दिया। अवामी लीग ने कहा कि 11 बजे तक सिर्फ 14.96% मतदान हुआ, जो जनता की अस्वीकृति है। पार्टी ने हिंसा, धमकी, वोट खरीद और अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए चुनाव रद्द करने, यूनुस के इस्तीफे और नई तटस्थ सरकार के तहत चुनाव की मांग की।
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शाम तक की स्थिति
अभी तक वोटों की गिनती जारी है। 12 जनवरी को रात के 9 बजे तक के रुझानों के मुताबिक बीएनपी आगे चल रही है और जमात-ए-इस्लामी दूसरे नंबर पर है। बीएनपी नेता महदी अमीन ने कहा कि नतीजे सही आने चाहिए, एजेंट केंद्रों पर रहें।
जनमत संग्रह में भी वोट डाले गए। जुलाई चार्टर के तहत प्रधानमंत्री का कार्यकाल सिर्फ दो टर्म तक सीमित करना, ऊपरी सदन, राष्ट्रपति की शक्तियां बढ़ाना और न्यायपालिका की स्वतंत्रता जैसे 84 सुधारों पर फैसला करना है। अगर हां में वोट हुआ तो संवैधानिक सुधार परिषद बनेगी।
