अमेरिका-इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला शुरू किया था। दोनों देशों ने करीब 11 हजार ठिकानों पर बमबारी की थी। अब हमले के वक्त का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इसमें एयर स्ट्राइक के बाद तेहरान के अस्पतालों में मची भगदड़ और अफरा-तफरी साफ दिख रही है। हालांकि यह बमबारी सीधे अस्पतालों में नहीं की गई, बल्कि उनके आसपास मौजूद अन्य इमारतों को निशाना बनाया गया। 

 

ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने अलग-अलग एंगल से कई सीसीटीवी फुटेज जारी किए। इसमें बमबारी के बाद अस्पताल में मची भगदड़ दिख रही है। लोग अपनी जान बचाने की कोशिश करते हैं। इमारत ऐसे हिल रही है, जैसे कोई भूकंप आया हो। भीषण धमाके के कारण फॉल्स सीलिंग भी गिर जाती है। एक अन्य फुटेज में कुछ तीमारदार कुर्सी पर बैठे हैं। तभी तेज धमाके के बाद लोग फर्श पर गिर जाते हैं। एक अन्य फुटेज में महिला नर्स की बहादुरी दिख रही है। धमाकों के बीच वह तीन नवजात बच्चों को सुरक्षित निकाल ले जाती है।

 

 

 

 

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अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर सामूहिक विनाश के हथियार बनाने का आरोप लगाया। पिछले साल जून में 12 दिनों की जंग के बाद डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ओमान की मध्यस्थता पर ईरान के साथ बातचीत की। उस पर परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम रोकने का दबाव बनाया। मगर ईरान ने साफ इंकार कर दिया। अमेरिका ने उसे 2 मार्च तक का मौका दिया, लेकिन डेडलाइन से दो दिन पहले यानी 28 फरवरी को अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर भीषण बमबारी कर दी।

 

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हमले के जवाब में ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों पर बमबारी की। सबसे अधिक संयुक्त अरब अमीरात को नुकसान उठाना पड़ा। वहीं आरआईजीसी की नौसेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी रणनीतिक पकड़ हासिल कर ली। अमेरिका के तमाम दबाव के बावजूद ईरान ने अभी तक होर्मुज को नहीं खोला है। इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के बंद होने से दुनियाभर में ईंधन की कमी देखने को मिली है। होर्मुज के बंद होने के जवाब में अमेरिका ने ईरान की नाकेबंदी कर रखी है। वहीं उसकी नौसेना स्ट्रेट से बारूंदी सुरंगों को हटा रही है।