प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी पहुंचे। यहां यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। वैश्विक ईंधन संकट के बीच पीएम मोदी की इस यात्रा को बेहद अहम माना जा रहा है। ईरान युद्ध के बाद यह पीएम मोदी की पहली यूएई यात्रा है। यूएई के बाद पीएम मोदी नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली जाएंगे। 15 से 20 मई तक वे पांच देशों की यात्रा पर रहेंगे।
शुक्रवार को पीएम मोदी का विमान जैसे ही यूएई के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ, वैसे ही संयुक्त अरब अमीरात के एफ-16 फाइटर जेट ने पीएम मोदी के विमान को एस्कॉर्ट किया। राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात के वक्त पीएम मोदी ने कहा, 'जिस तरह से आपकी वायुसेना ने आज मुझे एस्कॉर्ट किया, वह भारत के लोगों के लिए एक सम्मान की बात है। काफी समय से हम फोन पर बात कर रहे थे, मगर मैं आपसे व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए उत्सुक था। आज आपसे मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई है।' आइये समझते हैं कि पीएम मोदी की यूएई यात्रा से क्या हासिल हुआ?
- पीएम मोदी की यात्रा के दौरान भारत और यूएई ने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। ईरान युद्ध के कारण न केवल भारत, बल्कि वैश्विक स्तर पर ईंधन का संकट है। पीएम मोदी ने खुद ही देशवासियों से पेट्रोल-डीजल और गैस के कम इस्तेमाल की अपील की। अब भारत और यूएई ने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से जुड़ा एक समझौता किया।
- भारत अन्य देशों से एलपीजी का आयात करता है। ईरान युद्ध के कारण घरेलू स्तर पर अधिक मांग है, लेकिन आपूर्ति करने में बाधा आ रही है। भारत सरकार इस संकट से निपटने में जुट गई है। पीएम मोदी की यूएई यात्रा के दौरान द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस यानी एलपीजी की आपूर्ति से संबंधित समझौता भी हुआ है।
- भारत और यूएई के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी के लिए एक ढांचा स्थापित करने वाला समझौता भी शामिल है। बता दें कि ईरान युद्ध के बीच यूएई के राष्ट्रपति कुछ घंटों की यात्रा पर भारत पहुंचे थे। तब भारत और यूएई के बीच रक्षा समझौते का ऐलान किया गया था।
- गुजरात के वाडिनार में जहाज मरम्मत क्लस्टर की स्थापना से जुड़ा समझौता भी शामिल है। इसके अलावा आरबीएल बैंक और सम्मान कैपिटल में 5 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा भी की गई।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में शांति लाने में हर संभव मदद देने को तैयार है। पीएम मोदी ने कहा, जिस तरह से यूएई को निशाना बनाया गया है, वह स्वीकार्य नहीं है। यूएई ने मौजूदा हालात को जिस तरह संयम से संभाला, वह तारीफ के काबिल है। उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। भारत पश्चिम एशिया में शांति लाने के लिए हर संभव मदद देने को तैयार है।
