फ्रांस की सरकार ने सोशल मीडिया पर बाल यौन शोषण से जुड़े डीपफेक फोटो को रोकने के लिए ठोस कदम उठाया है। अब फ्रांस की सरकार ने एक्स प्लेटफॉर्म के मालिक एलन मस्क को समन भेज दिया है। समन के जरिए फ्रांस के वकीलों ने एलन मस्क और एक्स कंपनी की पूर्व सीईओ लिंडा याकारिनो को पेरिस में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इसके अलावा कंपनी के कर्मचारियों को गवाह के रूप में पेरिस में पेश होना होगा। यह पहली बार नहीं है जब फ्रांस सरकार ने एलन मस्क के खिलाफ समन भेजा हो, इससे पहले भी हो चुका है।
फ्रांस के अधिकारियों ने आज यानी 20 अप्रैल को एलन मस्क को समन भेजा है। पेरिस के लॉरे बेकुआ ने बताया है कि एक्स कंपनी में काम करने वाले लोगों को 20 से 24 अप्रैल के बीच पेरिस में बतौर गवाह बुलाया गया है। फ्रांस के अधिकारियों ने फिलहाल यह नहीं बताया है कि एलन मस्क को कब और कहां पूछताछ के लिए बुलाया गया है?
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फ्रांस के अधिकारियों का क्या है आरोप?
फ्रांस की जांच एजेंसी का दावा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ग्रोक एआई का लोग गलत इस्तेमाल कर रहे हैं, जैसे किसी नाबालिग लड़की की फोटो को शेयर करना और ग्रोक को प्रॉम्प्ट देना कि इस लड़की को छोटे कपड़े पहनाओ। फिर उन एडिटेड फोटो को सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है, जो बच्चों के शोषण को बढ़ावा दे रहा है।
इसी वजह से पिछले कई दिनों से फ्रांस की सरकार एक्स कंपनी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर चुकी है। इससे पहले जनवरी 2025 में एक्स कंपनी के ऑफिस की तलाशी ली गई थी। इस छापेमारी से पहले एलन मस्क को समन भी भेजा गया था। इसके बाद जुलाई में एक्स कंपनी की सीईओ ने सीईओ पद छोड़ दिया था।
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कंपनी का कार्रवाई को लेकर क्या मानना है?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब एक्स कंपनी पर छापेमारी की गई थी, तब एलन मस्क का मानना था कि यह छापेमारी राजनीतिक प्रतिबंध लगाने के लिए की गई थी। फ्रांस के अलावा ब्रिटेन ने भी एक्स एआई के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। इस जांच के पीछे चिंता जताई गई है कि कंपनी के ग्रोक के फोटो फीचर्स की वजह से सोशल मीडिया पर यौन शोषण बढ़ रहा
