इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के सबसे बड़े नेता 86 साल के अयातुल्ला खामेनेई की मौत हो गई है। खामेनेई की मौत के बाद ईरान में 40 दिन का राष्ट्रीय शोक और 7 दिन की छुट्टी घोषित की गई है। उनकी मौत की खबर पाकर देश में मिली जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। उनके समर्थक लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं, तो वहीं खोमेनेई के विरोधी जश्न मना रहे हैं।

 

मगर, खामेनेई की मौत की खबर जब ईरान के न्‍यूज चैनल्‍स पर चली, तो माहौल काफी गमगीन नजर आया। ईरान के सरकारी समाचार चैनल प्रेस टीवी के एंकर खबर पढ़ते-पढ़ते सिसक-सिसककर रो पड़े। जब एंकर ने खबर पढ़ी तो उसकी आवाज भारी हुई, फिर वह फूट-फूटकर रोने लगे।

 

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निधन की खबर कैसे पढ़ी?

एंकर ने खबर पढ़ते हुए कहा, 'रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्लामिक क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई चल बसे हैं और उनका का निधन हो गया है।' खामेनेई के अलावा उनकी बेटी, दामाद और पोती की भी मौत की सामने आई है।

 

 

 

ईरानी सेना ने क्या कहा?

वहीं, अयातुल्ला खामेनेई की मौत पर दुख जताते हुए ईरानी की सेना ने कहा, 'हमने एक महान नेता खो दिया है और हम उनके शोक में बैठे हैं, जो अपनी रूह की पवित्रता, ईमान की ताकत, मामलों में दूरदर्शिता, अत्याचारियों के सामने साहस और अल्लाह की राह में जिहाद के मामले में अपने युग में अद्वितीय थे। हालांकि, उनकी शहादत हमें और ताकतवर  बनाएगी। हम खामेनेई की मौत का बदला लेंगे। जो अल्लाह की राह में मारे गए हों, उन्हें मुर्दा न समझो, बल्कि वे अपने रब के पास जीवित हैं।'

 

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बड़े हमले की तैयारी में ईरान

ऐसा माना जा रहा है कि अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद ईरान की सेना 'रिवोल्यूशनरी गार्ड्स' (IRGC) अमेरिका और इजरायल पर किसी बड़े जवाबी हमले की तैयारी कर सकती है। राजधानी तेहरान की सड़कों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और दुनिया भर के देशों के साथ में भारत ने भी अपने दूतावासों को अलर्ट जारी कर दिया है।