अमेरिका ने कहा है कि वह ईरान के हर हमले को रोक नहीं सकता। अमेरिका, इजरायल बनाम ईरान के बीच छिड़ी जंग के 6वें दिन, सैन्य हमले और तेज हो गए हैं। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पेंटागन में यह माना है कि अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सेना और सहयोगियों की रक्षा के लिए एयर डिफेंस सिस्टम पर कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन फिर भी कुछ मिसाइल या ड्रोन हमले अपने निशाने पर लग सकते हैं।
ने कहा है कि अमेरिका ईरान के हवाई क्षेत्र पर तेजी से कब्जा कर रहा है और युद्ध में निर्णायक बढ़त बना रहा है। अब तक ईरान में 1,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और अमेरिकी सेना के 6 जवान शहीद हुए हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने युद्ध की अवधि पर कहा कि 8 हफ्ते तक भी चल सकता है, लेकिन अमेरिका के पास हथियार और संसाधन भरपूर हैं।
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पीट हेगसेथ ने दावा किया किया कि अमेरिका बिना दया के निर्णायक जीत हासिल कर रहा है और ईरान अमेरिका को थका नहीं सकता।
अमेरिका ने ईरानी युद्धपोत डुबोया
अमेरिकी पनडुब्बी ने श्रीलंका के पास समुद्र में ईरान के नए युद्धपोत IRIS डेना को टॉरपीडो से डुबो दिया। यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहला ऐसा हमला है। जहाज पर 180 लोग सवार थे, जिनमें से 32 को श्रीलंका ने बचाया, बाकी लापता हैं। मृतकों की संख्या 80 से ज्यादा बताई जा रही है। पीट हेगसेथ ने इसे ईरान की नौसेना पर बड़ा झटका बताया।
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ईरान के हमले कम हो रहे हैं
जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने कहा कि युद्ध शुरू होने के मुकाबले ईरान अब बहुत कम मिसाइल और ड्रोन दाग रहा है। अमेरिका और इजरायल की हवाई कार्रवाइयों से ईरान की सैन्य क्षमता बुरी तरह कमजोर हो गई है।
युद्ध कब खत्म होगा?
पीट हेगसेथ ने कहा है कि युद्ध की सटीक अवधि तय नहीं, लेकिन यह 3, 4, 6 या 8 हफ्ते तक चल सकता है। अमेरिका ने पहले एडवांस्ड हथियारों से हमले शुरू किए और अब ईरानी आसमान पर कब्जे के बाद ग्रैविटी बमों का इस्तेमाल करेगा। उन्होंने जोर दिया कि अमेरिका के पास हथियारों का भरपूर स्टॉक है और वह जितना जरूरी हो उतना समय लेगा जीत के लिए।
जंग का असर क्या है?
युद्ध से मध्य पूर्व में तेल-गैस की सप्लाई बाधित हुई है और हजारों यात्री फंस गए हैं। लेबनॉन में भी दर्जनों मौतें हुई हैं। अमेरिका ने कहा कि वह क्षेत्र में तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए नौसेना को उतार सकता है।
