इजरायल भी गजब देश है। वह न केवल अपने जिंदा सैनिकों की फिक्र करता है, बल्कि मृतक सैनिकों के शवों को खोजने में सीक्रेट ऑपरेशन का सहारा लेता है। हाल ही में इजरायली सेना ने पूर्वी लेबनान में विशेष कमांडो ऑपरेशन चलाया। ऑपरेशन का लक्ष्य लापता इजरायली वायुसेना के नेविगेटर रॉन अराद के शव का पता लगाना था।
इजरायली मीडिया के मुताबिक इजरायल के कमांडो लेबनान-सीरियाई सीमा के करीब बसे बालबेक जिले के नबी चित में हेलीकॉप्टर से उतरे। यहां रात के अंधेरे में एक कब्रिस्तान में गुप्त ऑपरेशन चलाया। सुबह लेबनानी मीडिया ने कब्रिस्तान का वीडियो साझा किया। इसमें एक कब्र पूरी तरह से खोदी मिली। नेविगेटर के लापता होने के 40 साल बाद चलाया गया इजरायली सेना का यह ऑपरेशन पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना है।
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क्या है मामले का बैकग्राउंड?
1975 से 1990 तक लेबनान गृहयुद्ध की आग में झुलस रहा था। गृहयुद्ध के बीच 1986 में इजरायल का एक विमान दक्षिणी लेबनान के ऊपर क्रैश हो गया था। आपात स्थिति में रॉन अराद को पैराशूट के माध्यम से उतरना पड़ा था। तभी लेबनान में स्थित शिया अमल आंदोलन ने रॉन को बंधक बना लिया था।
इजरायल की सरकार मानती है कि कुछ समय बाद रॉन अराद को लेबनान से तेहरान लाया गया। बाद में उसे वापस लेबनान के नबी चित भेज दिया गया। 5 मई 1988 को रॉन ने इजरायल को आखिरी पत्र लिखा था। मगर 1990 के दशक के बाद उन्हें मृत मान लिया गया। इजरायल की सेना पहले भी कई गुप्त अभियान चला चुकी है, ताकि रॉन के अवशेषों को बरामद किया जा सके। मगर सफलता नहीं मिली।
लेबनान का रिटायर्ड अधिकारी लापता
पिछले साल दिसंबर में लेबनान का एक सेवानिवृत्त अधिकारी लापता हो गया। माना जाता है कि इसके पीछे मोसाद का हाथ था, क्योंकि यह अधिकारी रॉन अराद की गिरफ्तारी से जुड़ा था। नवंबर 2024 में भी इजरायली कमांडो ने एक सीक्रेट ऑपरेशन में लेबनान से हिजबुल्लाह के ऑपरेटिव इमाद अम्हाज पकड़ा था।
इजरायली सेना ने क्या कहा?
इजरायली सेना ने लेबनान में सीक्रेट ऑपरेशन की बात स्वीकार कर ली है। हालांकि उसने यह भी बताया कि वहां रॉन अराद से जुड़े कोई अवशेष नहीं मिले हैं। इजरायली सेना ने आगे कहा वह अपने सभी शहीद और लापता सैनिकों को वापस की खातिर प्रतिबद्ध है। इजरायल डिफेंस फोर्सेज मेजर रॉन अराद, स्टाफ सार्जेंट गाय हेवर और सार्जेंट फर्स्ट क्लास येहुदा काट्ज को लापता मानती है।
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चार हेलीकॉप्टर से की घुसपैठ
हिजबुल्लाह ने अपने एक बयान में कहा कि सीरिया की तरफ से चार हेलीकॉप्टरों की घुसपैठ देखी। उसने यह भी कहा कि जब इजरायली सेना कब्रिस्तान पहुंची तो लड़ाकों ने उन पर फायरिंग की। सैनिकों को कब्रिस्तान से निकालने से पहले इजरायली वायुसेना ने इलाके में भीषण बमबारी भी की। दूसरी तरफ इजरायली सेना ने झड़प की बात से इनकार किया है। उधर, रॉन अराद की पत्नी तामी ने कहा कि अवशेषो को वापस लाने के चक्कर में सैनिकों की जान को खतरे में न डालें।
