लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के बड़े नेता सैफुल्लाह कसूरी ने पाकिस्तान और सेना के गठजोड़ पर ऐसा दावा किया है किया है कि जिसमें पड़ोसी देश एक बार फिर बेनकाब हुआ है। एक कार्यक्रम के दौरान सैफुल्लाह ने कहा कि पाकिस्तान आर्मी उन्हें नियमित रूप से अपने कार्यक्रमों में बुलाती है और अपने सैनिकों की अंतिम यात्रा में नमाज पढ़ाने के लिए भी बुलाती है। 

लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के बड़े नेता सैफुल्लाह कसूरी ने दावा किया कि उसकी वजह से भारत डरता है। वह भारत के खिलाफ जमकर बयानबाजी करता है। सैफुल्लाह कसूरी, लश्कर-ए-तैयबा का डिप्टी चीफ है और हाफिज सईद का करीबी है।

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पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड है सैफुल्लाह

भारत, सैफुल्लाह कसूरी को अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड बताता है। पहलगाम में 26 लोगों की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या की थी। पाकिस्तान की सरकार दुनिया से बार-बार कहती है कि वह आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, लेकिन सैफुल्लाह जैसे आतंकियों को पनाह देती है। 

कश्मीर पर क्या सोचता है सैफुल्लाह?

सैफुल्लाह कसूरी ने दावा किया है कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में गलती की, क्योंकि उसने सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। उसने कहा था कि लश्कर कश्मीर मिशन से कभी पीछे नहीं हटेगा। ऑपरेशन सिंदूर भारत ने पहलगाम हमले के जवाब में शुरू किया था। 

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पहलगाम हमले को उपलब्धि बताता है आतंकी 

7 मई को भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। चार दिनों तक दोनों देशों में झड़पें हुईं और 10 मई को युद्ध विराम हुआ। 

सैफुल्लाह कसूरी ने पहले भी एक रैली में भी कहा था कि पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड बताए जाने की वजह से दुनिया में उसका नाम मशहूर हो गया है। पाकिस्तान दुनिया में खुद को आतंकवाद से पीड़ित बताता है लेकिन सैफुल्लाह जैसे आतंकियों को खुलकर संरक्षण देता है।