खाड़ी देशों में एक बार फिर से युद्ध की आहट आ गई है। रविवार को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी में बरकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट के ऊपर ड्रोन हमला हुआ है। ड्रोन हमले से पावर प्लांट के अंदर एक इलेक्ट्रिकल जनरेटर में हुआ। इस हमले में किसी के घायल होने की खबर नहीं है और रेडियोलॉजिकल सेफ्टी लेवल पर कोई असर नहीं पड़ा।

 

फेडरल अथॉरिटी फॉर न्यूक्लियर रेगुलेशन ने कहा कि प्लांट के मुख्य सिस्टम नॉर्मल तरीके से काम कर रहे थे, बयान में आगे कहा गया।

 

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अबू धाबी मीडिया ने दी जानकारी

अबू धाबी मीडिया कार्यालय ने एक बयान में कहा कि अल धाफरा में बरकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र के बाहर स्थित एक इलेक्ट्रिकल जनरेटर में आग लग गई। इसमें कहा गया है कि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। यह ड्रोन हमला ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम जारी है, लेकिन तनाव अब भी बहुत अधिक है और इससे पश्चिम एशिया में फिर से खुला युद्ध छिड़ने का खतरा है।

 

हालांकि, बयान में यह नहीं बताया गया है कि यह ड्रोन हमला किसने किया है। इसके अलावा किसी अन्य देश या संगठन ने भी ड्रोन हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

 

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पाइपलाइन प्रोजेक्ट पर काम कर रहा UAE

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब यूएई क्रूड ऑयल के लिए एक नए पाइपलाइन प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रहा है। इस प्रोजेक्ट से यूएई को होर्मुज स्ट्रेट रूट पर निर्भर हुए बिना तेल एक्सपोर्ट बढ़ाने में मदद मिलेगी।

 

अबू धाबी मीडिया ऑफिस के मुताबिक, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने सरकारी तेल कंपनी ADNOC को प्रोजेक्ट पर काम तेज करने का निर्देश दिया है। नई पाइपलाइन से फुजैराह के जरिए कंपनी की एक्सपोर्ट कैपेसिटी दोगुनी होने की उम्मीद है और यह अगले साल से काम करना शुरू कर देगी।