इजरायल डिफेंस फोर्सेज ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बाद देश के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी और बसीज फोर्स के मुखिया गुलामरेजा सुलेमानी को भी मार डाला। अब बदले की भावना से भभक रहे ईरान की IRGC सेना ने सऊदी अरब को कहर बरपाया है। 

 

IRGC ने गुरुवार को रियाद में मिसाइलें बरपाईं, जिसको एयर डिफेंस सिस्टम ने इटरसेप्ट कर लिया, मगर उसका मलबा सऊदी की एनर्जी साइट्स पर गिरे। इसमें कितना नुकसान हुआ है फिलहाल इसको लेकर जानकारी नहीं दी गई है। मगर, अबू धाबी ने एक गैस रिफाइनरी के ऑपरेशन रोक दिया गया है।

 

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मौत की कीमत चुकाएंगे

इसी बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी है कि वे ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी की मौत की कीमत चुकाएंगे। 'एक्स'पर एक बयान में खामेनेई ने कहा, 'खून की हर बूंद का अपना बदला है जो इन शहीदों के अपराधियों को जल्द ही चुकाना होगा।'

इस्लाम के दुश्मनों को पता होना चाहिए...

मोजतबा खामेनेई ने कहा, 'इस्लाम के दुश्मनों को पता होना चाहिए कि इस्लामी सिस्टम के बड़े पेड़ के नीचे ऐसे लोगों का खून बहाने से यह और मजबूत होगा।' मोजतबा खामेनेई ने लारीजानी की हत्या पर दुख जताते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति की हत्या उनकी अहमियत और इस्लाम के दुश्मनों की उनसे दुश्मनी को दिखाती है।

'हर खून की कीमत होती है'

उन्होंने अमेरिका और इजरायल को आगे चेतावनी देते हुए कहा कि 'हर खून की कीमत होती है, जिसे शहीदों के कातिलों को जल्द ही चुकाना होगा। खामेनेई ने लारीजानी को ज्ञान, दूरदर्शी सोच और समझदारी वाला इंसान बताया। उन्होंने यह भी कहा कि मरहूम लारीजानी ने अलग-अलग स्तर पर इस्लामिक सिस्टम की सेवा में करीब 5 साल लगाए, जिसने उन्हें एक मशहूर हस्ती बनाया।

 

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मोजतबा ने गहरा दुख जताते हुए कहा कि उन्हें अली लारीजानी की मौत के साथ-साथ उनके काबिल बेटे और उनके कई साथियों की शहादत की खबर मिली। इस समय ईरान ने इन मौतों के बाद मीडिल ईस्ट में हमले और तेज कर दिए हैं। वहीं, इजरायल ने कहा है कि उसने ईरानी लीडरशिप को कमजोर करने के मकसद से लारीजानी समेत दो टॉप ईरानी अधिकारियों को मार गिराया है।

 

बता दें कि 67 साल के अली लारीजानी को ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बाद से सबसे ताकतवर लोगों में से एक माना जाता था। उन्हें खामेनेई का दाहिना हाथ भी माना जाता था।