अमेरिका और ईरान के बीच सुलह होती नहीं दिख रही है। शुक्रवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बयान पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिक्रिया दी। ट्रंप का कहना है कि बिना शर्त सरेंडर के अलावा कोई समझौता नहीं किया जाएगा। शुक्रवार को ही ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा था कि कुछ देशों ने युद्ध रुकवाने की खातिर मध्यस्थता करने की कोशिश शुरू कर दी है। उनके इस बयान के बाद दुनियाभर में सुलह की उम्मीदें बनी थीं। मगर ट्रंप के बयान से साफ हो गया है कि अमेरिका अभी रुकने वाला नहीं है।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने शुक्रवार को एक्स पर लिखा, कुछ देशों ने मध्यस्थता की कोशिश शुरू कर दी है। यह स्पष्ट है कि हम इस क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए प्रतिबद्ध हैं, फिर भी हमें अपने राष्ट्र की गरिमा और संप्रभुता की रक्षा करने में कोई संकोच नहीं है। मध्यस्थता में उन लोगों को शामिल किया जाना चाहिए, जिन्होंने ईरानी जनता को कम आंका और इस संघर्ष को भड़काया।'
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बिना शर्त सरेंडर करना होगा: ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट किया। इसमें लिखा, 'ईरान के साथ बिना शर्त सरेंडर के अलावा कोई समझौता नहीं होगा। बिना शर्त आत्मसमर्पण और एक महान व स्वीकार्य नेता के चयन के बाद हम और हमारे कई अद्भुत, बेहद बहादुर सहयोगी व साझेदार ईरान को विनाश के कगार से वापस लाने के लिए अथक प्रयास करेंगे। इसे आर्थिक रूप से पहले से कहीं अधिक बड़ा, बेहतर और मजबूत बनाएंगे। ईरान का भविष्य उज्ज्वल होगा।'
ईरान में कैसा नेता चाहते हैं ट्रंप?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान में अमेरिकी समर्थक नेता चाहते हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि ईरान में मुझे नए नेता के चयन में शामिल होना होगा। जैसे वेनेजुएला में हमने किया। ट्रंप का कहना है कि हम जनता और शासन के साथ मिलकर यह तय करेंगे कि कोई ऐसा व्यक्ति वहां पहुंचे, जो ईरान का अच्छे से निर्माण कर सके, मगर परमाणु हथियारों के बिना।
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खामेनेई के बेटे के पक्ष में नहीं ट्रंप
ट्रंप ने आगे कहा कि वे अपना समय बर्बाद कर रहे हैं। खामेनेई का बेटा एक मामूली आदमी है। वह मुझे स्वीकार्य नहीं है। हम ऐसा व्यक्ति चाहते हैं, जो ईरान में सद्भाव और शांति ला सके। मुझे इस नियुक्ति में शामिल होना होगा, जैसे कि वेनेजुएला में डेल्सी रोड्रिगेज के मामले में किया था।
ईरान ने सबकुछ खो दिया
डोनाल्ड ट्रंप जमीनी हमले के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि ईरान पर जमीनी आक्रमण व्यर्थ होगा, लेकिन वह इराकी कुर्द बलों के इस्तेमाल के पक्ष में हैं। जब उनसे पूछा गया कि अमेरिका की कोशिश है कि ईरान सरकार के खिलाफ कुर्द बलों का इस्तेमाल किया जाए तो इस पर ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि यह अच्छी बात है। मैं इसका पूरा समर्थन करूंगा। जब उनसे पूछा गया कि ईरान अब भी अमेरिका और इजरायल पर हमले की योजना बना रहा है। इस पर ट्रंप ने कहा, यह समय की बर्बादी है। उन्होंने सब कुछ खो दिया है। अपनी नौसेना खो दी है।
