पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LET) के संस्थापक सदस्यों में से एक आमिर हमजा को गोली लगने की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लाहौर में कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने उसे गोली मार दी है। एक टीवी चैनल के बाहर हुई इस घटना के तुरंत बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया और अभी फिलहाल उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। 

 

पिछले कुछ समय से पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों पर लगातार हमलों की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। भारत के लिए यह एक अहम खबर है क्योंकि भारत में कई आतंकी हमलों में अमीर हमजा का रोल था। जिस आतंकी संगठन का अमीर हमजा ने स्थापना की थी उस संगठन का हाथ साल 2008 में हुए मुंबई हमलों समेत भारत में कई बड़े आतंकी हमलों से है। 

लंबे समय से आंतरी गतिविधियों में सक्रिय

आंतकी हमजा लंबे समय से आतंकी गतिविधियों में शामिल था। उसे अफगान मुजाहिदीन के एक अनुभवी कमांडरों में गिना जाता है। पाकिस्तान में उसकी पहचान किताबें लिखने की वजह से भी बनी है। वह लश्कर की आधिकारिक पत्रिका मजल्लाह अल-दावा का संस्थापक संपादक भी रहा है। 2002 में उसने काफिला दावत और शहादत नामक किताब लिखी थी, जिसमें चरमपंथी विचारधारा को बढ़ावा दिया गया था। उसे काफी समय तक हाफिज सईद का करीबा माना जाता था। लश्कर में आमिर हमजा का काम चंदा जुटाने, नई भर्ती करने और दूसरे पक्षों से डील करने का काम किया है।

 

पाकिस्तान में दावा किया जाता है कि वह कई सालों से लश्कर में एक्टिव नहीं है। साल 2018 में लश्कर से जुड़े जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन में वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों के बाद हमजा की लश्कर से दूरी हो गई थी। इसके बाद हमजा ने 'जैश-ए-मनकफा' नाम से एक अलग गुट बनाया था। हालांकि, माना जाता है कि आतंकी हफिज सईद से उसका संपर्क लगातार बना रहा। 

कैसी है स्थति?

आमीर हमजा पर यह हमला एक टीवी न्यूज चैनल के बाहर हुआ था। हमला किसने किया है इस बात की जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है। रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि जैसे ही हमजा ऑफिस के बाहर निकला उस पर अज्ञात हमलावरों ने गोलियां चला दी। इसके तुरंत बाद वह वहां से फरार हो गए और हमजा को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। हालांकि, अभी तक डॉक्टरों की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।