अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे मिलिट्री तनाव के बीच अब डिजिटल फ्रंट पर जंग और तेज हो गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान से ऑपरेट होने वाला एक नेटवर्क 31 हैक किए गए अकाउंट्स के जरिए AI से बने नकली वार वीडियो पोस्ट कर रहा था। इन वीडियो से वार से जुड़े गुमराह करने वाले और सनसनीखेज कंटेंट को फैलाया जा रहा था।
एक्स के प्रोडक्ट हेड निकिता बियर ने कहा कि एक ही आदमी 31 अकाउंट्स को कंट्रोल कर रहा था। 27 फरवरी को अकाउंट्स का नाम बदलकर 'ईरान वॉर मॉनिटर' या ऐसा ही नाम रख दिया गया। इसके बाद एआई से बने वीडियो पोस्ट करना शुरू कर दिया। यह वीडियो असली वार फुटेज जैसे लगते थे। प्लेटफॉर्म ने जांच के बाद सभी अकाउंट्स डिलीट कर दिया है।
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यह कार्रवाई तब तेज हुई जब एक डीपफेक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया था कि ईरानी रॉकेट ने तेल अवीव में एक जहाज को निशाना बनाया। वीडियो पोस्ट करने वाले ने खुद को गाजा का पत्रकार बताया था, लेकिन जांच में वीडियो फर्जी निकला।
आपको बता दें कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच AI से बनी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे हैं। कई पोस्ट में ईरान, इजरायल और खाड़ी देशों में हमलों का दावा किया गया है लेकिन फैक्ट-चेकर्स ने पाया है कि ज्यादातर कंटेंट गलत या छेड़छाड़ किया हुआ है।
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फेक कंटेंट शेयर करने पर 50 लाख का जुर्माना
डिजिटल दुनिया में फैल रहे इस फेक कंटेंट वार को लेकर खाड़ी देश भी अलर्ट हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दुबई पुलिस ने चेतावनी दी है कि जो भी सिक्योरिटी से जुड़े अफवाह या फेक तस्वीरें शेयर करेंगे, उन पर 2 लाख दिरहम (लगभग 50 लाख रुपये) तक का भारी जुर्माना लग सकता है।
