पाकिस्तान के फैसलाबाद जिले से एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक सिख छात्रा के साथ कथित तौर पर मारपीट और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटना हुई है। बताया जा रहा है कि वारिसपुरा इलाके के सेंट कैथरीन गर्ल्स हाई स्कूल में पढ़ने वाली इस छात्रा को जबरन ईसाई प्रार्थना में शामिल होने के लिए कहा गया।

 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, छात्रा ने जब प्रार्थना में शामिल होने से इनकार किया तो स्कूल के स्टाफ ने उसके साथ मारपीट की और उसकी पगड़ी जबरन उतार दी। सिख धर्म में पगड़ी को सम्मान और आस्था का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में इस घटना से सिख समुदाय में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है।

 

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मां ने लगाए गंभीर आरोप

पीड़ित छात्रा की मां ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी को पेट में लात-घूंसे मारे गए। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बेटी अस्थमा की मरीज है और घटना के दौरान उसकी हालत बिगड़ गई थी। जब उसकी बहन मदद के लिए आगे आई तो शिक्षकों ने उसे रोक दिया और कहा कि वह नाटक कर रही है।

 

घटना के सामने आने के बाद सिख संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सिख ब्रदरहुड इंटरनेशनल समेत कई संगठनों ने इस घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता की मां ने भी प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।

 

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पहले भी परिवार पर उत्पीड़न के आरोप

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता की मां ने दावा किया है कि यह पहली बार नहीं है जब उनके परिवार को इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें पहले भी नौ महीने तक बंधक बनाकर रखा गया और इस दौरान उनके साथ मारपीट और यातनाएं दी गईं। इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि उनके बेटे के बाल जबरन काट दिए गए थे जो सिख धर्म में बेहद पवित्र माने जाते हैं।