प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया मलेशिया यात्रा दोनों देशों के संबंधों के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई है। इस दौरे का मुख्य मकसद भारत और मलेशिया के बीच हुई 'कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' को सिर्फ कागजों तक सीमित न रखकर असलियत में जमीन पर उतारना है। मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम ने मोदी के साथ हुई इस मुलाकात को बेहद खास और रणनीतिक बताया है।

 

पीएम मोदी ने इस रिश्ते को 'स्पेशल' करार देते हुए आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और साफ कहा कि इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा। दोनों नेताओं की मौजूदगी में कुल 11 अहम दस्तावेजों पर साइन किए गए, जो आने वाले समय में दोनों देशों के लोगों की जिंदगी और कारोबार पर सीधा असर डालेंगे।

 

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प्रमुख समझौते जिन पर बनी बात 

  • एंटरटेंनमेंट: अब भारत और मलेशिया मिलकर फिल्में और मीडिया प्रोजेक्ट्स बनाएंगे, जिससे दोनों देशों की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
  • टेक्नोलॉजी और चिप: आज के दौर की सबसे बड़ी जरूरत यानी सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में दोनों देश मिलकर काम करेंगे।
  • कामगारों की सुरक्षा: मलेशिया में काम कर रहे भारतीय नागरिकों को सोशल सिक्योरिटी का फायदा देने के लिए भी समझौता हुआ है।
  • भ्रष्टाचार और आपदा प्रबंधन: सरकारी कामकाज में भ्रष्टाचार रोकने और किसी भी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए दोनों देश एक-दूसरे की मदद करेंगे।
  • सेहत और आयुर्वेद: स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ अब मलेशिया की यूनिवर्सिटी में आयुर्वेद पर भी रिसर्च और ट्रेनिंग दी जाएगी।
  • डिजिटल पेमेंट: अब भारत का UPI जैसा सिस्टम (NIPL) और मलेशिया का PAYNET मिलकर काम करेंगे, जिससे लेनदेन और भी आसान हो जाएगा।

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कुछ अन्य खास घोषणाएं

इस यात्रा के दौरान मलेशिया में भारत का एक नया वाणिज्य दूतावास खोलने का फैसला लिया गया है। साथ ही, तमिल कवि और संत तिरुवल्लुवर के सम्मान में वहां की यूनिवर्सिटी में एक खास सेंटर और स्कॉलरशिप की शुरुआत की जाएगी। 

 

जंगली जानवरों को बचाने के लिए मलेशिया अब भारत की 'इंटरनेशनल बिग कैट्स अलायंस' का हिस्सा भी बन गया है।