रूसी ओलंपिक एथलीट एडेलिया पेट्रोसियन अपने बेहतरीन स्केटिंग के लिए पूरी दुनिया में जानी जाती हैं। इन दिनों एक इंटरव्यू क्लिप को लेकर सोशल मीडिया पर वह वायरल हो रही हैं। उन्होंने बताया कि इटली के एक एयरपोर्ट पर डायोर (Dior) कंपनी ने उन्हें गहने बेचने से इनकार कर दिया क्योंकि वह रूसी नागरिक हैं। उन्होंने साफ तौर पर बताया कि उनके पास बरगंडी रंग का पासपोर्ट था, इसी वजह से उन्हें गहने नहीं बेचे गए। एथलीट को गहने न बेचने की वजह यूरोपीय यूनियन का प्रतिबंध है, जो यूक्रेन और रूस के युद्ध के बाद लगाया गया है।
यह घटना 2026 के शीतकालीन ओलंपिक के लिए मिलान जाते समय हुई। मिलान इटली का एक प्रमुख शहर है, जहां यह एयरपोर्ट स्थित है। इस घटना के बारे में एडेलिया पेट्रोसियन ने 'एलेको इन माई बैग शो' में बताया था। अब सवाल उठता है कि यूरोपीय यूनियन ने यह प्रतिबंध क्यों लगाए हैं और इनके नियम क्या हैं।
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क्या है पूरा मामला?
'एलेको इन माई बैग' शो में एडेलिया पेट्रोसियन ने अपनी स्थानीय भाषा में बताया कि मिलान एयरपोर्ट पर वह डायोर बुटीक में गई थीं, जहां उन्हें एक अंगूठी और झुमके पसंद आए। इसके बाद पेमेंट के दौरान एक कर्मचारी ने उनका पासपोर्ट देखने के लिए मांगा। जैसे ही उसने बरगंडी रंग का पासपोर्ट देखा, उसने कहा,' वे रूसी लोगों को कुछ नहीं बेच सकते।
इसके बाद एडेलिया ने बताया कि उन्हें गहने बहुत पसंद आए थे, इसलिए उन्होंने अपने जॉर्जिया के एक दोस्त को बुटीक पर बुलाया और गहने खरीदने की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद उन्हें गहने नहीं बेचे गए।
इसके अलावा, एडेलिया पेट्रोसियन ने यह भी बताया कि लुई विटॉन में भी इसी प्रकार के कुछ प्रतिबंध लागू हैं।
क्या है यूरोपीय यूनियन का प्रतिबंध?
रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस की सरकार ने यूरोपीय यूनियन की बात नहीं मानी। इसी वजह से यूरोपीय यूनियन ने रूस पर कई प्रतिबंध लगाए। इन प्रतिबंधों के तहत 300 यूरो से अधिक कीमत के फैशन आइटम, इलेक्ट्रॉनिक्स, कार और गहने खरीदने पर यूरोपीय संघ के देशों में रोक लगाई गई है। इसी प्रतिबंध के तहत यूरोपीय यूनियन के सदस्य देश इटली में रूसी नागरिकों पर डायोर जैसे ब्रांड के गहने खरीदने पर पाबंदी लागू है।
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रूस और यूक्रेन युद्ध के दौरान यूरोपीय यूनियन बार-बार रूस को हमला न करने की सलाह दे रहा था लेकिन रूसी सरकार ने उनकी बात नहीं मानी। इसके बाद कार्रवाई के तहत यह प्रतिबंध लगाए गए, ताकि रूस का राजस्व कम किया जा सके और उसकी सैन्य ताकत को कमजोर किया जा सके।
