इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने इजरायल के साथ रक्षा समझौता रद्द कर दिया। उसके बाद दोनों देशों के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इटली की एक पत्रिका ने अपने कवर पेज पर ऐसा फोटो छाप दिया, जिसे देखकर इजरायल में आक्रोश फैल गया। कवर फोटो में दिख रहा है कि वेस्ट बैंक में जैतून की कटाई के वक्त एक सशस्त्र इजरायली बस्तीवासी एक फिलिस्तीनी महिला का वीडियो बना रहा है। वह महिला का खूब मजाक उड़ाता है। 

 

12 अक्टूबर 2025 को इटली  के पत्रकार पिएत्रो मास्तुरजो ने यह तस्वीर खींची। 10 अप्रैल 2026 को इसे साप्ताहिक पत्रिका एल एस्प्रेसो ने अपने कवर पेज पर जगह दी। अब पत्रिका का यह कवर पेज पूरी दुनिया में वायरल है।

 

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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह फोटो दक्षिणी वेस्ट बैंक के अल-खलील की है। पत्रिका ने 'एल अबूसो' यानी दुर्व्यवहार हेडलाइन से फोटो प्रकाशित की। फोटो में दिख रहा है कि एक हथियारबंद बस्तीवासी फिलिस्तीनी महिला का वीडियो बना रहा है। वह हंस रहा है। उसका मजाक उड़ा रहा है। वहीं महिला के चेहरे पर डर साफ दिख रहा है।  

'ग्रेटर इजरायल हकीकत में बदल रहा'

इटली की पत्रिका ने सोशल मीडिया पर कवर पेज साझा किया और कैप्शन लिखा, 'वेस्ट बैंक का विलय सैनिकों द्वारा बसने वालों के साथ मिलीभगत करके किया गया। गाजा की तबाही, लेबनान में घुसपैठ, सीरिया में सीमा का उल्लंघन, ईरान के खिलाफ युद्ध, जातीय सफाया और नरसंहार... इस तरह जायोनी दक्षिणपंथी ग्रेटर इजरायल को हकीकत में बदल रहे हैं।'

 

 

 

 

पत्रकार पिएत्रो मास्तुरजो ने अपने फेसबुक अकाउंट पर वीडियो भी साझा किया। उन्होंने फोटो के पीछे की कहानी बताई। उनके मुताबिक हेब्रोन के पश्चिम में जैतून की कटाई का पहला दिन था। वहां इजरायली बस्तियों के सशस्त्र समूह पहुंचे। उन्होंने फिलिस्तीनी नागरिकों को जैतून की कटाई करने से रोक दिया। 

 

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'जानवरों से फिलिस्तीनियों की तुलना'

फिलिस्तीनी महिला अपने जानवरों को चराने की खातिर जिन शब्दों का इस्तेमाल करती हैं, उन्हीं शब्दों का इस्तेमाल इजरायली बंदूकधारी करता है। इससे फिलिस्तीनी महिला हैरान रह जाती है, क्योंकि इससे यह संदेश जाता है कि इजरायली लोग फिलिस्तीनियों को जानवरों जैसा मानते हैं।

इजरायल ने तस्वीर पर उठाए सवाल

इजरायल में लोगों ने पात्रिका के कवर पेज पर सवाल उठाया और शंका जताई कि फोटो को एआई से बनाया गया है। हालांकि बाद में जब पत्रकार पिएत्रो मास्तुरजो ने वीडियो प्रकाशित किया तो इजरायलियों ने अपना सुर बदल लिया और कहा कि यह फोटो यहूदी विरोधी भावना को दर्शाती है।

 

इटली में इजरायल के राजदूत जोनाथन पेल्ड ने लिखा, 'हम L’Espresso के हालिया कवर के भ्रामक इस्तेमाल की कड़ी निंदा करते हैं। यह तस्वीर उस जटिल वास्तविकता को तोड़-मरोड़कर पेश करती है जिसके साथ इजरायल को रहना पड़ता है। यह रूढ़ियों और नफरत को बढ़ावा देती है। जिम्मेदार पत्रकारिता संतुलित और निष्पक्ष होनी चाहिए।'

 

वहीं अमेरिका में इजरायल समर्थक टिप्पणीकार रब्बी एलचानन पौपको ने भी तस्वीर की वास्तविकता पर सवाल उठाया। उनका दावा है कि तस्वीर में शख्स ने जो बनियान पहनी है, उसे इजरायली सेना अब इस्तेमाल नहीं करती है। दाढ़ी का स्टाइल और अजीब मुस्कान अप्राकृतिक लगती है।