कभी टैरिफ लगाना, कभी घटाना। कभी हमले की धमकी देना तो कभी रुक जाना। ये अदाएं हैं अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की। कुछ दिनों पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट करके जानकारी दी कि भारत और अमेरिका के बीच डील हो गई है। भारत ने भी इसका पुष्टि की लेकिन उस समय डील की शर्तें नहीं बताई गईं। अब जब डील की शर्तें सार्वजनिक कर दी गई तो इसके कुछ दिन बाद ही अमेरिका ने चुपके से डील की शर्तों में बदलाव कर दिया। इन शर्तों में जो बदलाव हुए हैं, उनका मतलब यह है कि भारत कई चीजों पर अभी भी बातचीत कर सकता है और ये शर्तें बाध्यकारी नहीं हैं। इतना ही नहीं, अमेरिका ने अब भारत का वह नक्शा भी डिलीट कर दिया है जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया गया था।

 

अब अमेरिका की ओर से जो प्रमुख बदलाव किया गया है उसमें कई जगहों पर जो 'Committed' शब्द लिखा गया था, उसे बदल दिया गया है। साथ ही, कुछ ऐसे सामानों को लिस्ट से हटा दिया गया है जिनके बारे में लिखा गया था कि इनका निर्यात भारत अनिवार्य रूप से करेगा। पहले एक लाइन लिखी थी कि भारत प्रतिबद्ध है कि वह 500 बिलियन डॉलर से ज्यादा के अमेरिकी उत्पाद खरीदेगा। अब इसे बदलकर लिखा गया है कि भारत 500 बिलियन डॉलर के सामान 'खरीदने का इच्छुक' है। मतलब थोड़ी सी ढिलाई बरती गई है।

 

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सोमवार को एक फैक्टशीट अमेरिकी की ओर से जारी की गई थी जिसमें बताया गया था कि भारत के साथ किन चीजों को लेकर समझौता हुआ है। अब इसी में बदलाव करते हुए कई दालों को लिस्ट से डिलीट कर दिया गया है। समझौते के तहत भारत कई दालों पर लगने वाले टैरिफ को कम करने को राजी हुआ था। दालों के अलावा सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट जैसी चीजें भी इस लिस्ट में शामिल थीं। 

क्या-क्या बदल दिया?

 

पहले यह भी लिखा गया था कि भारत डिजिटल सर्विसेज टैक्स को खत्म करेगा। अब इसे हटा दिया गया है और लिखा गया है कि भारत इस पर 'नेगोशिएट करने के लिए प्रतिबद्ध' है। बता दें कि भारत पहले ही डिजिटल एडवर्टाइजिंग सर्विसेज के लिए घोषित हुए 6 पर्सेंट के टैक्स को हटा चुका है।

 

पहले यह भी लिखा गया था कि भारत अमेरिका से इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनेकिशन टेक्नॉलजी, कृषि, कोयला और अन्य सेक्टर से जुड़े उत्पाद खरीदेगा। अब इसमें से कृषि को हटा दिया गया है।  बता दें कि भारत की ओर से जारी बयान में पहले इसी तरह के शब्द थे जिन पर अब अमेरिका भी आ गया है।

 

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हटा दिया नक्शा

 

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की थी जिसमें भारत के नक्शे में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) सहित जम्मू कश्मीर के पूरे क्षेत्र और अक्साई चिन को भारतीय क्षेत्र के हिस्से के रूप में दर्शाया गया था। पिछले हफ्ते जब अमेरिका और भारत ने ट्रेड डील की घोषणा की थी तब इसे पोस्ट किया गया था।

 

इस पोस्ट के साथ डाले गए नक्शे में जम्मू-कश्मीर के पूरे क्षेत्र को भारत का हिस्सा दिखाया गया था। इसमें पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) भी शामिल था, जिसे भारत अपना बताता है। वहीं, पाकिस्तान इसे आजाद कश्मीर कहता है। इसी तरह, अक्साई चिन को भी भारतीय क्षेत्र के हिस्से के रूप में दर्शाया गया था, जिसे चीन अपना बताता है। हालांकि, भारत का नक्शा दिखाने वाला वह खास पोस्ट अब यूएसटीआर के ‘एक्स’ हैंडल से हटा दिया गया है।