ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद से मिडल ईस्ट में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। खाड़ी देशों पर ईरान लगातार हमले कर रहा है और अमेरिका और इजरायल भी ईरान की राजधानी तेहरान को निशाना बना रहे हैं। इस युद्ध की जद में आकर पूरा मिडल ईस्ट सुलग रहा है। अमेरिका ने जो युद्ध शुरू किया था उसमें अब उसके खुद के नागरिक फंस चुके हैं। मिडल ईस्ट में कई अमेरिकी नागरिक रहते हैं और अब अमेरिकी इनकी सुरक्षा को लेकर चिंता में है। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी नागरिकों से सऊदी अरब और कतर समेत एक दर्जन से ज्यादा देशों से तुरंत निकल जाने को कहा है।

 

इस संबंध में एक एडवाइजरी भी जारी की गई है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की कॉन्सुलर मामलों की असिस्टेंट सेक्रेटरी मोरा नामदार ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अमेरिकी नागरिकों से एक दर्जन से ज्यादा देश छोड़ने के लिए कहा है। उन्होंने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, 'अमेरिकियों से अपील है कि वे लिस्ट में दिए गए देशों से अभी कमर्शियल ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करके निकलें, क्योंकि इन देशओं में स्थिति ठीक नहीं है और आपकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है।' इसके साथ ही उन्होंने उन अमेरिकियों को हेल्पलाइन नंबर दिए जिन्हें कमर्शियल तरीकों से निकलने के लिए स्टेट डिपार्टमेंट की मदद चाहिए। 

 

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किन देशों से निकलने के लिए कहा?

अमेरिका ने अपने नागरिकों को जिन देशों से निकलने के लिए कहा है उनमें बहरीन, मिस्र, ईरान, इराक, इजरायल, वेस्ट बैंक और गाजा, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, कतर, सऊदी अरब, सीरिया, यूनाइटेड अरब अमीरात और यमन शामिल हैं। इन देशों में सुरक्षा कारणों का हवाला देकर अमेरिकी नागरिकों को निकलने के लिए कहा गया है। 

 

क्या लंबा चलने वाला है युद्ध?

अमेरिका ने अपने नागरिकों को संभावित खतरे को देखते हुए इन देशों से निकलने के लिए कहा है। यह एडवाइजरी ट्रंप के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ मिल्ट्री ऑपरेशन 4 से 5 हफ्ते तक चल सकते हैं। उन्होंने कहा, 'किसी ने मुझसे आज कहा कि राष्ट्रपति यह सब जल्द खत्म करना चाहते हैं, वरना वह बोर हो जाएंगे। मैं इससे बोर नहीं होता। इसमें कुछ भी बोरिंग नहीं है। शुरुआत से ही हमने चार-पांच हफ्तों का सोच था लेकिन हमने ईरान की मिलिट्री लीडरशिप को तो हमने एक घंटे में खत्म कर दिया। इसका मतलब है कि हम अपने शेड्यूल से काफी आगे चल रहे हैं। फिर भी अगर और समय लगता है तो हमारे पास पर्याप्त क्षमता है और लंबे समय तक इसे जारी रख सकते हैं।'

 

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दोनों तरफ से हमले जारी

अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के सैन्य ठिकानों और परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया है। इन हमलों के जवाब में ईरान भी मिसाइल और ड्रोन हमले के जरिए इजरायल और खाड़ी देशों को निशाना बना रहा है। युद्ध अभी और ज्यादा भयंकर हो सकता है इसके संकेत दोनों और से मिल रहे हैं। एक तरफ मार्को रुबियो कह रहे हैं कि सबसे खतरनाक हमले तो अभी होंगे। उन्होंने कहा कि अगला फेज ईरान के लिए और भी ज्यादा खतरनाक होगा। वहीं, ईरान भी अमेरिकी हमलों का जवाब देने की तैयारी कर रहा है।