पिछले कई महीनों से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी तनाव अब युद्ध में बदल रहा है। पाकिस्तान ने शुक्रवार की सुबह अफगानिस्तान पर हमला कर दिया। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल समेत कई शहरों पर पाकिस्तान की ओर से हवाई हमला किया गया है। पाकिस्तान ने इसे ऑपरेशन 'गजब लिल' का नाम दिया है। दूसरी तरफ अफगानिस्तान का कहना है कि वह अपने देश की रक्षा के लिए मुंहतोड़ जवाब देगा। इस हमले में दर्जनों अफगानी नागरिक और सैनिक मारे गए हैं। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगा रहा है कि तालिबानी शासन में सीमा पर मौजूद इलाकों में आतंकियों को पनाह दी जा रही है।

 

इस हमले के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने कहा, ‘हमारे देश का धैर्य अब जवाब दे चुका है और अब अफगानिस्तान के खिलाफ खुली जंग की स्थिति बन गई है।' उन्होंने X पर अपने पोस्ट में लिखा है, ‘पाकिस्तान को आशा थी कि NATO (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) बलों की वापसी के बाद अफगानिस्तान में शांति कायम होगी और तालिबान अफगानिस्तान की जनता की भलाई और क्षेत्र में स्थिरता पर ध्यान देगा।’ पड़ोसी देशों के बीच तेज हुए हमलों से कतर की मध्यस्थता में हुआ संघर्ष विराम कमजोर पड़ता दिख रहा है। हालांकि, पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने अपने बयान में संघर्ष विराम का कोई उल्लेख नहीं किया।

 

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क्या है ऑपरेशन गजब लिल हक?

 

पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने बताया है कि अफगानिस्तानी तालिबान के खिलाफ ऑपरेशन गजब लिल हक शुरू किया है। पाकिस्तान ने बताया है कि अफगानिस्तानी तालिबान ने कई जगहों पर उकसावे वाला काम किया और फायरिंग की। इसी वजह से पलटवार किया गया है। बता दें कि गजब लिल हक का मतलब इंसाफ की जंग होता है। अब पाकिस्तान का कहना है कि खैर पख्तूनख्वा के चितरल, खैबर, मोहमंद, कुर्रम और बजौर सेक्टर में गुरुवार शाम को अफगानिस्तान की ओर से फायरिंग और हमले किए गए थे।

 

पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस संघर्ष में अफगानी तालिबान के कम से कम 133 लड़ाकों के मारे जाने की खबर है। वहीं, पाकिस्तान के दो सुरक्षाकर्मी भी मारे गए हैं। वहीं, पाकिस्तान के सरकारी मीडिया का कहना है कि पाकिस्तानी सेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया के कई इलाकों में हवाई हमले किए हैं। दावा किया गया है कि पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के नानगरहर प्रांत में हथियारों और गोला-बारूद के बड़े ठिकाने को भी तबाह कर दिया है।

 

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अफगानिस्तान ने क्या कहा?

 

इस मामले में अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘पाकिस्तानी सेना की ओर से बार-बार की जाने वाली कार्रवाई के जवाब में ‘डूरंड लाइन’ के साथ स्थित पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों और सैन्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ बड़े पैमाने पर आक्रामक अभियान शुरू किए गए।’ बता दें कि दोनों देशों की 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा को ‘डूरंड लाइन’ के नाम से जाना जाता है, जिसे अफगानिस्तान ने औपचारिक रूप से मान्यता नहीं दी है। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि कुछ पाकिस्तानी सैनिकों को जिंदा पकड़ा गया है। हताहतों या सैनिकों के पकड़े जाने के दावों पर पाकिस्तान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

 

पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि अफगानिस्तान ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा के कई स्थानों पर बिना उकसावे के गोलीबारी की है और इस कार्रवाई का पाकिस्तान के सुरक्षा बलों की ओर से तत्काल और प्रभावी तरीके से जवाब’’ दिया जा रहा है।