इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के फोन की तस्वीरें कुछ समय से इंटरनेट मीडिया पर खूब वायरल हैं। इसमें साफ दिख रहा है कि नेतन्याहू ने अपने फोन के कैमरे पर टेप लगा रखा है। उनकी यह फोटो जनवरी महीने में यरुशलम में हुई बैठक के दौरान की है। लोगों के बीच इस बात की बहस छिड़ी है कि अगर इजरायल जैसे देश के प्रधानमंत्री का मोबाइल फोन सुरक्षित नहीं है तो आम जनता क्या होगा? 

 

लेबनानी-ऑस्ट्रेलियाई एंटरप्रेन्योर मारियो नवाफल ने अपने एक्स अकाउंट पर बेंजामिन नेतन्याहू की फोटो साझा की। उन्होंने लिखा, 'नेतन्याहू अपने फोन के कैमरे के लेंस ढक देते हैं। जाहिर तौर पर इंटरनेट पूछता है कि क्या उन्हें कुछ ऐसा पता है, जो हमें नहीं पता, असल में बहुत से सुरक्षा का ध्यान रखने वाले लोग हैकिंग के खतरे को कम करने के लिए अपने कैमरे ढकते हैं। फिर भी… जब कोई प्रधानमंत्री ऐसा करता है तो इसका असर अलग होता है।'

 

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क्या नेतन्याहू के डर के पीछे हंडाला हैकिंग ग्रुप?

बेंजामिन नेतन्याहू की इन तस्वीरों को सबसे पहले ईरानी मीडिया ने जारी किया। टेलीग्राम पेज पर ईरानी हंडाला साइबर ग्रुप की तारीफ की गई। दरअसल, जनवरी में ही हंडाला हैकिंग ग्रुप ने इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट, पूर्व न्याय मंत्री आयलेट शेकड और बेंजामिन नेतन्याहू के चीफ ऑफ स्टाफ त्ज़ाची ब्रेवरमैन के फोन को हैक करने का दावा किया।

नेतन्याहू के कैमरे पर टेप क्यों लगाया गया? 

इजरायली मीडिया के मुताबिक सुरक्षा प्रोटोकॉल को कड़ा करने के बाद नेतन्याहू के फोन के कैमरे पर टेप लगाया गया है। सुरक्षा प्रोटोकॉल के मुताबिक इजरायली प्रधानमंत्री कार्याकाल में जाने वाले हर शख्स के मोबाइल फोन पर टेप लगाया जाता है, चाहे वह शख्स मंत्री या सलाहकार ही क्यों न हो।

 

फोटो वायरल होने के बाद इजरायली अधिकारियों ने एहतियाती सुरक्षा उपाय माना। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य अनधिकृत फोटोग्राफी या दूर से जासूसी को रोकना है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आपके मोबाइल में कोई स्पाइवेयर या मेलवेयर हैं, लेकिन अपने कैमरे को टेप से ढक रहा था तो वह वीडियो और फोटो नहीं खींच सकता है। किसी भी प्रकार की गुप्त रिकॉर्डिंग से बचा जा सकता है।

 

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मोबाइल को निगरानी डिवाइस में बदलने का खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि कैमरा हैक करके बहुत कुछ किया जा सकता है। किसी खास स्थान की जासूसी, अहम मीटिंग को गुप्त तरीके से सुनना, निजी पलों की रिकॉर्डिंग और साइबर निगरानी समेत बहुत कुछ। हैकर जेब में रखे मोबाइल को जासूसी उपकरण में बदल सकते हैं। मगर कैमरे पर टेप लगाने से यह सब करना बेहद मुश्किल है, क्योंकि सॉफ्टवेयर को हैक किया जा सकता है, लेकिन टेप को नहीं।

क्या है जीरो क्लिक अटैक?

हैकर जीरो क्लिक अटैक से किसी भी मोबाइल को कंट्रोल कर सकते हैं। इस तकनीक के तहत हैकर फोन में इंस्टॉल कमजारियों का पता लगाते हैं। उसके सहारे फोन पर मॉलवेयर पहुंचाते हैं। इस तकनीक से फोन को बिना किसी लिंक पर क्लिक के बिना हैक किया जाता है। माना जा रहा है कि इजरायल को जीरो क्लिक से खतरा महसूस हो रहा है।