अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को एक महीना पूरा हो गया। इन एक महीनों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमेनेई के मारे जाने के अलावा तेहरान के कई शीर्ष नेता और सैन्य अधिकारी भी मारे जा चुके हैं। ईरान ने भी खाड़ी देशों में अमेरिका को ऐसा जख्म दिया है, जिससे ट्रंप को उबरने में सालों लगेंगे। ईरान इजरायल में भी ड्रोन और बैलेस्टिक मिसाइलों की बारिश कर रहा है।
इन घटनाक्रमों के बीच ईरान ने अमेरिकी और इजरायली सेना के शीर्ष अधिकारियों को मारने की कसम खाई है। ईरान के जॉइंट मिलिट्री कमांड के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागरी ने रविवार को एलान करके कहा कि IRGC अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों को ढूंढ कर मारेगा। उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों के घर अब ईरान के लिए टारगेट बन गए हैं।
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बयान में क्या है?
ईरान की यह धमकी मिडिल ईस्ट में रहने वाले अमेरिकी और इजरायली मिलिट्री और राजनैतिक अधिकारियों को निशाना बनाने के बाद दी गई है। इब्राहिम जोल्फागरी ने कहा कि यह फैसला तब लिया गया है जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के अलग-अलग शहरों में ईरानियों के घरों को टारगेट किया है।
ईरान में 2,000 से ज्यादा लोगों की मौत
अमेरिका और इजरायल के हमलों में अबतक ईरान में 2,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इन मौतों में सैकड़ों स्कूली बच्चे शामिल हैं। हालांकि, ईरान ने भी 50 से अधिक अेमरिकी सैनिकों को मारने का दावा किया है। इन सबसे बीच होमुर्ज स्ट्रेट पर अभी भी ईरान की पकड़ मजबूत बनी हुई है।
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पाकिस्तान में हो रही शांति वार्ता
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा इस युद्ध को रुकवाने की पेशकश करने के बाद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शांति वार्ता हो रही है। इस वार्ता में कई देशों के विदेश मंत्री हिस्सा ले रहे हैं। रविवार देर रात तुर्की, सऊदी अरब और मिस्र के विदेश मंत्री पाकिस्तान द्वारा बुलाई गई शांति वार्ता में शामिल हुए। यह बैठक युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान को बातचीत की टेबल पर लाने में हुई प्रगति के लिए थी। हालांकि, इस बारे में पाकिस्तान की तरफ से अधिक जानकारी नहीं दी गई है।
पाकिस्तान ने इससे पहले कहा था कि मिस्र, तुर्की और सऊदी अरब के टॉप डिप्लोमैट 29-30 मार्च को इस्लामाबाद आएंगे और इलाके के तनाव को कम करने की कोशिशों समेत कई मुद्दों पर गहरी बातचीत करेंगे।
