आम आदमी पार्टी (AAP) को एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी की अपील के बावजूद पाला बदलने वाले सभी सात सांसदों को अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) का सांसद मान लिया गया है। इसके चलते बीजेपी के राज्यसभा सदस्यों की संख्या 113 पहुंच गई है और AAP के राज्यसभा सांसदों की संख्या घटकर 3 पर आ गई है। जो AAP राज्यसभा में चौथी सबसे बड़ी पार्टी थी अब वह 11वें नंबर पर खिसक गई है। राज्यसभा की ओर से पूरी लिस्ट जारी की गई है जिसमें इन सातों सांसदों के नाम अब बीजेपी सांसद के तौर पर दर्ज कर लिए गए हैं।

 

इससे पहले, राज्यसभा में AAP के संसदीय दल के नेता संजय सिंह ने रविवार को बताया था कि राज्यसभा के सभापति यानी देश के उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन को याचिका सौंपी थी और इन सातों सांसदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग की थी। उन्होंने कपिल सिब्बल जैसे वकीलों की राय का हवाला देकर कहा था कि नियमों के मुताबिक, इन सांसदों पर दल-बदल के तहत कार्रवाई होनी चाहिए और सदस्यता समाप्त की जानी चाहिए।

 

यह भी पढ़ें: 'मुझे भरोसा ही नहीं है', जज स्वर्ण कांता नहीं हटीं, केजरीवाल का पेशी से इनकार

क्या बोली आम आदमी पार्टी?

इस फैसले पर AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा है, 'चेयरमैन साहब का जो फैसला है, वह एकतरफा है। सातों सांसदों का जो विलय का प्रस्ताव था, उसका संज्ञान अभी लिया गया है लेकिन जब मेरे पत्र का संज्ञान लेंगे और उस पर सुनवाई शुरू होगी तब वह संविधान की रक्षा के लिए फैसला देंगे। अभी तो मेरी याचिका पर सुनवाई भी नहीं हुई। मैंने संविधान की 10वीं अनुसूची का हवाला दिया है जिसके तहत इन सातों सांसदों की सदस्यता रद्द होनी चाहिए।'

 

कौन-कौन बीजेपी में गया?

AAP छोड़कर बीजेपी में गए सांसदों में राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, अशोक मित्तल, संदीप पाठक और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं। 

 

राज्यसभा की ओर से जारी लिस्ट के साथ कोई वजह या स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। इस लिस्ट में सिर्फ पार्टी के हिसाब से सांसदों के नाम, उनके सदस्यों की संख्या, हर पार्टी के नेता और उपनेता का नाम लिखा गया है। इसी लिस्ट के हिसाब से राज्यसभा में बीजेपी के सदस्यों की संख्या 113, कांग्रेस के सदस्यों की संख्या 29, टीएमसी के सदस्यों की संखअया 13, डीएमके के सदस्यों की संख्या 8, वाई एस आर कांग्रेस के 7, बीजेडी के 6, AIADMK के 5, जेडीयू के 4, समाजवादी पार्टी के 4, एनसीपी के 4 और आम आदमी पार्टी के सदस्यों की संख्या 3 बची है।

 

यह भी पढ़ें: AAP ने राज्यसभा में लगाई अर्जी, सातों सांसदों की सदस्यता खत्म करने की मांग की

 

कुल 245 राज्यसभा सांसदों की इस लिस्ट में 7 नॉमिनेटेड सांसद हैं। 3 निर्दलीय सांसद हैं और झारखंड की एक सीट अभी खाली है। 

 

क्या चाहती है AAP?

 

राघव चड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा था कि उन्होंने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर मांग की है कि इन सभी सात सांसदों के बीजेपी में विलय को मंजूरी दी जाए। इस पर आम आदमी पार्टी की ओर से सदन में पार्टी के नेता संजय सिंह ने राज्यसभा के सभापति के सामने अपनी दलील पेश की थी।

 

AAP का कहना है कि विलय का निर्णय पार्टी ले सकती है कोई सांसद नहीं इसलिए इस विलय को मंजूरी न दी जाए और दल-बदल के नियमों के तहत इन सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उनकी सदस्यता खत्म हो।