बजट सत्र में बोलते हुए अभिषेक बनर्जी ने सरकार को टैक्स सिस्टम पर घेरने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि जन्म के साथ ही टैक्स शुरू हो जाता है और जब तक आदमी जिंदा रहता है तब तक यह साथ ही चलता है।
उदाहरण देते हए उन्होंने कहा कि जब बच्चा पैदा होता है तो उसके दूध और डायपर पर टैक्स लगता है, जब वह थोड़ा बड़ा होता है और स्कूल जाने लगता है तो उसकी पेंसिल, किताब और मोबाइल डेटा पर टैक्स लगता है।
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जन्म से ही टैक्स
आगे उन्होंने कहा कि जब वही बच्चा बड़ा हो जाता है और कमाई करने लगता है तो उसकी कमाई पर टैक्स लगता है, जब वह अपनी भविष्य की सुरक्षा के लिए कुछ पैसे बचाता है तो उसकी सेविंग पर टैक्स लगने लगता है। वह ऑफिस जाता है तो उसकी गाड़ी के फ्यूल पर टैक्स लगता है, जब वह बीमार पड़ता है तो उसकी बीमारी पर टैक्स लगता है और वही बच्चा जब बूढ़ा हो जाता है तो उसके पेंशन और हेल्थ केयर पर टैक्स लगता है।
आगे उन्होंने कहा कि और यहां तक कि शोकसभा में मौत पर अगरबत्ती जलाने पर भी टैक्स देना पड़ता है। बजट सेशन में विपक्ष ने पूरी तरह से सत्ताधारी बीजेपी को घेरने की कोशिश की है।
राहुल गांधी ने लगाए थे आरोप
बजट सेशन में ही बुधवार को राहुल गांधी ने भी बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि सरकार ने भारत माता को बेच दिया है। उन्होंने कहा कि सामान्य रूप से कोई प्रधानमंत्री इस तरह का काम नहीं करता है लेकिन प्रधानमंत्री जी ग्रिप में हैं।
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आगे उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने डिजिटल डेटा के साथ भी गलत किया है। उन्होंने बताया कि कैसे चार तरीकों से इस पर विचार करना होगा। उन्होंने बताया कि पहला- हमने अपने डिजिटल ट्रेड रूल्स पर से नियंत्रण खो दिया है, नंबर दो- डेटा लोकलाइजेशन को लेकर कोई भी ट्रेड डील नहीं है, नंबर तीसरा- अमेरिका को फ्री डेटा फ्लो, नंबर चार- लिमिट ऑन डिजिटल टैक्स और नंबर पांच- किसी भी सोर्स कोड को बताने की जरूरत नहीं है।
