गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए एयर इंडिया विमान हादसे ने पूरे देश को शोक में डाल दिया था। इस हादसे में प्लेन में सवार एक व्यक्ति को छोड़कर अन्य सभी की जान चली गई थी। इस प्लेन हादसे से जुड़ा एक नया मामला अब चर्चा में है। हादसे के बाद कई दिनों तक मलबा हटाने और लोगों की तलाश का काम चलता रहा। इस दौरान सैकड़ों कर्मचारी, सफाई कर्मी, पुलिस और अन्य टीमें दिन-रात मौके पर लगी रहीं। अब इन कर्मचारियों को दिए गए चाय-नाश्ते का बिल नगर निगम के पास पहुंचा है। यह बिल करीब 16 लाख रुपये से ज्यादा का बताया जा रहा है। 

 

12 जून 2025 को एयर इंडिया की एक फ्लाइट दिल्ली से अहमदाबाद पहुंची थी और यहां से लंदन के लिए टेक ऑफ किया था। टेक ऑफ के कुछ ही समय बाद यह प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। प्लेन पास में एक हॉस्टल से जाकर टकराई थी। इस हादसे के बाद पूरे शहर में अफरा-तफरी मच गई थी। राहत और बचाव कार्य के लिए कई विभागों की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गई थीं। कई दिनों तक मलबा हटाने और जांच का काम जारी रहा, जिसमें अलग-अलग विभागों के कई लोग जुटे रहे। 

 

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चाय-पानी पर खर्च पर उठे सवाल 

हादसे के बाद राहत कार्यों में जुटी टीमों के लिए अहमदाबाद नगर निगम ने चाय, पानी, बिस्किट, दूध और नाश्ते की व्यवस्था की थी। यह इंतजाम इसलिए किया गया था ताकि लगातार काम कर रहे कर्मचारियों को थोड़ी राहत मिल सके। तेज गर्मी और तनाव भरे माहौल में काम करना आसान नहीं था और कर्मचारियों की सुविधा का ध्यान रखा गया। कई कर्मचारी सुबह से देर रात तक मौके पर डटे रहते थे और हादसे के कारण आसपास सुरक्षा कड़ी थी और कर्मचारी बाहर चाय-पानी पीने नहीं जा सकते थे। सारी व्यवस्था साइट पर ही की गई थी। 

 

अब इन सभी व्यवस्थाओं का कुल बिल करीब 16.7 लाख रुपये बताया जा रहा है। यह बिल उस एजेंसी ने नगर निगम को भेजा है जिसने चाय और नाश्ते की सप्लाई की थी। अधिकारियों ने बताया कि बिल की जांच की गई है। बिल पर उठ रहे सवालों पर फूड डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने कहा कि बिल बिल्कुल सही है और इसकी पुष्टि की जा चुकी है। जो सामान दिया गया था उसके हिसाब से ही बिल दिया गया है। 

नगर निगम में होगी चर्चा 

अब इस बिल को मंजूर करने के लिए अहमदाबाद नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक होगी। बैठक में पार्षद इस बिल पर चर्चा करेंगे और इसकी जांच करेंगे। जांच के बाद तय किया जाएगा कि इस बिल का भुगतान करना है या नहीं। अगर कमेटी मंजूरी देती है तो एजेंसी को भुगतान कर दिया जाएगा। अगर कोई सवाल उठते हैं तो दोबारा जांच भी हो सकती है।

 

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क्या बोले लोग?

इस मामले के सामने आते ही लोग अलग-अलग राय रखने लगे। सोशल मीडिया पर कुछ लोग कह रहे हैं कि हादसा बहुत बड़ा था और कर्मचारियों ने कठिन हालात में काम किया। ऐसे में उन्हें चाय-नाश्ता देना गलत नहीं है। उनका कहना है कि राहत कार्य में लगे लोगों की सुविधा का ध्यान रखना जरूरी होता है।

 

वहीं कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि 16 लाख रुपये की राशि काफी ज्यादा है। उनका मानना है कि सरकारी पैसे का खर्च सोच-समझकर होना चाहिए। कई लोग इस पैसे की खर्च की डिटेल्स शेयर करने के लिए कहा और कब-कब कितनी चाय, नाश्ते पर यह खर्च किया गया है उसकी डिटेल्स पब्लिक की जाएं।