देश के सबसे बिजी हवाई अड्डो में से एक इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट यानी दिल्ली एयरपोर्ट पर गुरुवार सुबह अचानक एक बड़ी मुसीबत आ गई। सुबह करीब 6:45 बजे पूरी दुनिया में इस्तेमाल होने वाला 'नेविटेयर' नाम का एक कंप्यूटर सॉफ्टवेयर खराब हो गया। यह सॉफ्टवेयर टिकट चेक करने और बोर्डिंग पास बनाने के काम आता है। इस खराबी का असर सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि यूरोप और एशिया के कई और देशों में भी पड़ा।
हवाई जहाज उड़ाने के लिए NOTAM (Notice to Airmen) एक बहुत जरूरी सूचना होती है। यह पायलटों के लिए एक तरह का सरकारी निर्देश या 'अलर्ट' होता है, जो बताता है कि रनवे या आसमान में कोई खास बदलाव या नियम तो नहीं है। दिल्ली में उस समय 'AI Impact Summit 2026' चल रही थी, जिसमें विदेशी मेहमान आए हुए थे। उनकी सुरक्षा के लिए आसमान में कुछ पाबंदियां (NOTAM) पहले से लगी थी। जब कंप्यूटर खराब हुए, तो इन पाबंदियों की वजह से एयरपोर्ट स्टाफ के लिए उड़ानों को संभालना और भी मुश्किल हो गया।
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कौन-कौन सी एयरलाइंस पर पड़ा असर?
इस तकनीकी खराबी की वजह से भारत की मुख्य एयरलाइंस जैसे इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस, अकासा एयर और स्पाइसजेट का काम रुक गया। दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर सबसे ज्यादा भीड़ जमा हो गई। सुबह का समय फ्लाइट्स के लिए बहुत व्यस्त होता है, इसलिए कंप्यूटर बंद होते ही यात्रियों की लंबी-लंबी लाइनें लग गई।
हाथ से बनाए गए बोर्डिंग पास
जब कंप्यूटर ने काम करना बंद कर दिया, तो एयरलांइन के कर्मचारियों ने हालात को संभाला। उन्होंने पेन और कागज उठाकर हाथ से ही यात्रियों के बोर्डिंग पास बनाना शुरू कर दिया। इसे 'मैन्युअल चेक-इन' कहते हैं। जहां सब कुछ हाथ से लिखा जा रहा था, जिसके कारण काम बहुत धीमा हो गया और लोग घंटों तक लाइनों में फसे रहे।
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अब कैसे हैं हालात?
अच्छी खबर यह है कि यह खराबी ज्यादा देर तक नहीं रही। करीब 45 मिनट के बाद, सुबह 7:30 तक सिस्टम को ठीक कर लिया गया। एयरलाइंस ने मैसेज भेजकर यात्रियों को बताया कि अब सब ठीक है। कुछ फ्लाइट्स में देरी जरूर हुई, लेकिन किसी भी उड़ान को रद्द नहीं करना पड़ा। अब एयरपोर्ट पर काम फिर से पहले की तरह सामान्य रूप से चल रहा है।
