दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राजधानी समेत कई राज्यों में फैले जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क देश की सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारियां जुटाकर विदेश भेज रहा था और साथ ही आतंकी साजिशों में भी शामिल था।

 

शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग इलाकों में एक साथ छापेमारी कर इन आरोपियों को पकड़ा। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क के संबंध प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से भी जुड़े हुए थे। आरोपियों की गतिविधियां देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानी जा रही हैं।

 

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CCTV कैमरे और विदेशी हथियारों का मिला जखीरा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने देश के कई संवेदनशील और रक्षा प्रतिष्ठानों के पास सोलर पावर से चलने वाले CCTV कैमरे लगाए थे। ये कैमरे मोबाइल ऐप के जरिए पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को लाइव फुटेज भेज रहे थे। पहली कार्रवाई में 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर 9 कैमरे बरामद किए गए हैं, जिससे इस नेटवर्क की कार्यप्रणाली का पता चला।

 

छापेमारी के दौरान पुलिस को 4 पिस्टल मिलीं। इनमें 3 विदेशी PX5 थीं और एक देसी कट्टा था। इसके अलावा 24 जिंदा कारतूस भी बरामद हुए। जांच में ये भी पता चला कि इस गैंग को UPI के जरिए पैसे मिल रहे थे। ये पैसा अवैध हथियारों की तस्करी से आता था, जिससे उनका नेटवर्क और मजबूत हो रहा था।

 

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पंजाब में भी कार्रवाई

दूसरे ऑपरेशन में मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना पर पंजाब से 5 और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। ये लोग सेना और अर्धसैनिक बलों के ठिकानों की रेकी कर रहे थे और फोटो-वीडियो पाकिस्तान भेज रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि यह नेटवर्क युवाओं को बहकाकर उन्हें जासूसी, आतंकी गतिविधियों और हथियार तस्करी में शामिल कर रहा था।

 

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर ग्रेनेड हमले जैसी बड़ी आतंकी साजिश की तैयारी में था, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और पूरे षड्यंत्र का खुलासा करने में जुटी हुई है।