पुडुचेरी में रहने वाले के. पजानिवेल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में वह पीएम नरेंद्र मोदी को दंडवत प्रणाम करते नजर आए। के. पजानिवेल को खेल और मार्शल आर्ट की शिक्षा के लिए पद्मश्री पुरस्कार मिला है। जहां वह पुरस्कार लेने से पहले पीएम मोदी के पास गए और हाथ जोड़कर प्रणाम किया। उनको यह अवॉर्ड राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिया था।

 

के. पजानिवेल को पहली बार पद्मश्री अवॉर्ड से नवाजा गया है। इससे पहले उन्हें 2023 में मार्शल आर्ट्स के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिला था। इसके अलावा उन्हें मार्शल आर्ट के लिए पहले कई अवॉर्ड मिल चुके हैं। के. पजानिवेल ने न सिर्फ मार्शल आर्ट की शिक्षा और प्रचार-प्रसार किया है बल्कि प्राचीन तमिल मार्शल आर्ट को प्रसारित करने में अहम भूमिका निभाई है।

 

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पीएम मोदी के साथ वीडियो हुआ वायरल

वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि के. पजानिवेल पहले पीएम मोदी के पास गए, उन्हें प्रणाम किया, उसके बाद लेटकर दंडवत प्रणाम किया। जिनके सम्मान में मोदी भी अपनी सीट से खड़े हो गए थे। इसके बाद के. पजानिवेल आगे गए और द्रौपदी मुर्मू से पुरस्कार लिया।

 

पुरस्कार मिलने के बाद एक इंटरव्यू में पजानिवेल ने अपनी खुशी व्यक्त की थी, जिसमें उन्होंने बताया कि वे इस पुरस्कार को तमिल विरासत को पूरी दुनिया के सामने लाने का प्रोत्साहन मानते हैं। साथ ही उन्होंने वर्तमान सरकार को सलाह दी कि स्कूलों में बच्चों को सिलंबम मार्शल आर्ट की शिक्षा दी जानी चाहिए। जानकारी के लिए बता दें, सिलंबम मार्शल आर्ट का लोकप्रिय रूप है, जिसमें एक योद्धा डंडे की सहायता से खुद को बचाता है।

 

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मार्शल आर्ट में पजानिवेल का योगदान

30 जनवरी 1973 को पुडुचेरी में पजानिवेल का जन्म हुआ था। उन्हें बचपन में मास्टर राजाराम ने तमिल की प्राचीन मार्शल आर्ट यानी सिलंबम सिखाई थी। जिसके बाद के. पजानिवेल ने कई छात्रों को बिना पैसे लिए मार्शल आर्ट सिखाया है। उन्होंने प्राचीन मार्शल आर्ट का प्रचार-प्रसार किया है। उनके जरिए नई पीढ़ी तक तमिल की प्राचीन मार्शल आर्ट पहुंच पाई है।