ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर भारत ने पांच दिन बाद शोक जताया है। गुरुवार को विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने नई दिल्ली स्थित ईरानी राजदूत से मुलाकात की और अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर दुख प्रकट किया। हाल ही में विपक्षी दलों ने खामेनेई की मौत पर प्रतिक्रिया नहीं देने पर केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की थी। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने इस पर एक लंबा चौड़ा लेख तक लिख डाला है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार भारत में ईरानी राजदूत मोहम्मद फतहली के साथ विदेश सचिव विक्रम मिसरी की फोटो साझा की। यहां विक्रम मिसरी ने अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शोक प्रकट किया और भारत सरकार की ओर से शोक पुस्तिका पर साइन किया। इस बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार दोपहर को ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बात की।
28 फरवरी की सुबह अमेरिका और इजरायल के हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हुई थी। उनके साथ परिवार के अन्य लोगों की भी जान गई। हमले के वक्त वह अपने घर पर ही थे।
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