महाराष्ट्र के बाद अब तेलंगाना और झारखंड में स्थानीय निकाय चुनावों का बिगुल बज चुका है। दोनों राज्यों के चुनाव आयोग ने स्थानीय निकाय चुनावों का शेड्यूल जारी कर दिया है। झारखंड में राजधानी रांची सहित राज्य के 48 शहरी निकायों के लिए 23 फरवरी वोटिंग होगी और तेलंगाना में 116 नगरपालिकाओं और सात नगर निगमों के लिए 11 फरवरी को मतदान होगा। 

 

तेलंगाना राज्य चुनाव आयोग की ओर से राज्य चुनाव आयुक्त रानी कुमुदिनी ने राज्यभर में चुनाव शेड्यूल की घोषणा की। चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही तेलंगाना में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इन चुनावों के लिए 11 फरवरी को राज्य के 53 लाख मतदाता वोट करेंगे। इन चुनावों की घोषणा के साथ ही उम्मीदवार अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। 

 

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झारखंड चुनाव शेड्यूल

झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को कहा कि रांची सहित राज्य के 48 शहरी स्थानीय निकायों के लिए चुनाव 23 फरवरी को होंगे। इसके साथ ही आयोह ने जानकारी दी कि वोटों की गिनती 27 फरवरी को की जाएगी।

 

इन चुनावों की अधिसूचना खुद राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने की। उन्होंने कहा, 'राज्य में 48 शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों के लिए मतदान 23 फरवरी को एक ही चरण में होगा।' इन चुनावों के लिए राज्य में लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था लेकिन कुछ कारणों से चुनाव लगातार लेट हो रहे थे। अब जब चुनाव आयोग ने शेड्यूल जारी कर दिया है तो प्रत्याशी अपनी तैयारी में जुट गए हैं। 

 

बीजेपी क्यों परेशान?

चुनावों की घोषणा के बाद से ही विपक्षी भारतीय जनता पार्टी सत्तापक्ष और चुनाव आयोग पर हमलावर है। बीजेपी के प्रवक्ता ने कहा कि चुनाव बैलेट पेपर से कराए जा रहे हैं। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, 'उन्होंने तो EVM भी हटा दिए हैं और बैलेट पेपर से चुनाव करवा रहे हैं। यह एक शर्मनाक घटना है। राज्य चुनाव आयोग साफ तौर पर सरकार के दबाव में है और अगर ऐसा नहीं होता तो राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार बैलेट पेपर से चुनाव क्यों करवाए जाते? इसका मतलब है कि सरकार बड़े पैमाने पर चुनाव में धांधली करने की कोशिश कर रही है।'

देरी से चुनाव 

झारखंड में शहरी स्थानीय निकाय के चुनाव राजनीतिक दलों के चुनाव चिन्हों पर नहीं लड़े जाते हैं, बल्कि उम्मीदवारों को इन पार्टियों का समर्थन प्राप्त होता है। झारखंड हाई कोर्ट ने इससे पहले स्थानीय निकाय चुनाव कराने में देरी को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की थी। सभी नगर निकाय मौजूदा समय में चुने हुए प्रतिनिधियों के नहीं बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों के कंट्रोल में हैं। आयोग ने नवंबर 2025 में हाई कोर्ट से चुनाव की तैयारी के लिए और अधिसूचना जारी करने के लिए आठ हफ्ते का समय मांगा था। 

 

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ग्रेटर हैदराबाद में चुनाव नहीं

तेलंगाना में 116 नगर पालिकाओं और सात नगर निगमों के लिए चुनावों की घोषणा कर दी गई है। हालांकि, इनमें ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम शामिल नहीं होगा। इन चुनावों के लिए उम्मीदवार 28 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं। 13 फरवरी को मतगणना होगी। इन चुनावों के लिए राज्य के राजनीतिक दल प्रचार में जुटे हुए हैं।