केरल हाई कोर्ट के न्यायाधीश सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी को मद्रास हाई कोर्ट का नया चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल 6 मार्च से शुरू होगा। वर्तमान मुख्य न्यायाधीश मनींद्र मोहन श्रीवास्तव 5 मार्च को रिटायर हो रहे हैं। जस्टिस अरविंद धर्माधिकारी हाल ही में फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ से जुड़े मामले की सुनवाई करने वाली बेंच का हिस्सा थे। उन्होंने न्यायमूर्ति पीवी बालकृष्णन के साथ मिलकर उस अपील पर सुनवाई की, जिसमें फिल्म के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह ने सिंगल जज के अंतरिम आदेश को चुनौती दी थी। इसी सिंगल बेंच ने फिल्म की रिलीज पर 15 दिनों के लिए रोक लगा दी थी।

 

सुनवाई के दौरान बेंच ने कहा कि सेंसर बोर्ड (CBFC) को चुनौती देने वाली याचिकाएं जनहित याचिका (Public interest litigation) हैं और सवाल उठाया कि सिंगल जज इसे कैसे सुन सकते हैं। करीब दो घंटे चली सुनवाई के बाद पीठ ने कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं किया और फैसला सुरक्षित रख लिया।

 

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CBFC की भूमिका पर टिप्पणी

न्यायाधीश बेचू कुरियन थॉमस ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाते हुए कहा था कि सेंसर बोर्ड (CBFC) द्वारा कानून के प्रावधानों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी कहा था कि फिल्म में साम्प्रदायिक तनाव या किसी समुदाय के खिलाफ टिप्पणी की आशंका हो सकती है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट के द्वारा समीक्षा द्वारा की जरूरत है।

 

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जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी कौन हैं?

जस्टिस धर्माधिकारी का जन्म 8 जुलाई 1966 को रायपुर में हुआ था। उन्होंने नागपुर विश्वविद्यालय से वाणिज्य और कानून में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। वर्ष 1992 में उन्होंने जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में वकालत शुरू की। वह आयकर विभाग और भारतीय रिजर्व बैंक जैसे संस्थानों में काम कर चुके हैं। उन्हें अप्रैल 2016 में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का न्यायाधीश और मार्च 2018 में स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। अप्रैल 2023 में उन्होंने केरल हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी। अब वह मद्रास हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नई जिम्मेदारी संभालेंगे।