पिछले साल एयर इंडिया का विमान अहमदाबाद में तकनीकी खराबी के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में कुल 242 लोगों की जान चली गई थी। संसद में सरकार ने लिखित जवाब में जानकारी देते बुए बताया है कि जनवरी 2025 से लेकर इस साल तीन फरवरी तक अलग-अलग एयरलाइन के कुल 377 विमानों में बार-बार गड़बड़ी हुई है। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर किशन मोहोल ने लोकसभा में बताया कि एअर इंडिया ग्रुप के 267 विमानों में से लगभग तीन-चौथाई में बार-बार खराबी आई।

 

नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर किशन मोहोल ने बताया कि अलग-अलग शेड्यूल्ड एयरलाइंस के 754 विमानों में खराबी देखी गई थी। इसमें बताया गया है कि बार-बार होने वाली गड़बड़ियों के सिलसिले में इंडिगो के 405 विमानों का विश्लेषण किया गया, जिसमें से तीन फरवरी तक 148 विमानों में बार-बार गड़बड़ी की बात सामने आई।

 

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इतने विमानों का हुआ विश्लेषण

ऐसे ही एयर इंडिया के 166 विमानों का विश्लेषण किया गया, जिसमें से 137 विमानों में बार-बार गड़बड़ी देखी गई। एयर इंडिया एक्सप्रेस के 101 विमानों का विश्लेषण क्या गया, इसमें से 54 विमानों में बार-बार खराबी हुई, स्पाइसजेट के 43 विमानों के विश्लेषण के बाद 16 विमानों में खराबी। एकासा एयर के 32 विमानों के विश्लेषण में 14 विमानों में खराबी और एलायंस एयर के 8 विमानों में बार-बार खराबी देखी गई है।

 

 

 

 

मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि साल 2022 में, नागर विमानन मंत्रालय के पास 637 टेक्निकल पोस्ट मंजूर थीं। भविष्य में मैनपावर की कमी को दूर करने के लिए, पुनर्गठन किया गया है और मंजूर टेक्निकल पोस्ट की संख्या बढ़ाकर 1063 कर दी गई है।

 

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मामलों में आई कमी

मुरलीधर मोहोल ने एक दूसरे प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि पिछले तीन सालों में उड़ानों में तकनीकी गड़बड़ी के मामलों की संख्या में कमी आई है और गत वर्ष ऐसी 353 घटनाएं हुईं। मोहोल ने बताया कि साल 2024 में तकनीकी गड़बड़ी के कुल 421 मामले सामने आए, जो इसके पिछले साल की 448 घटनाओं से कम है।