राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा है कि वह पंजाब सरकार का अगला निशाना हैं। मंगलवार को आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पर 'प्रतिशोध की राजनीति' करने का आरोप लगाया। उन्होंने हाल में पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले सांसदों को निशाना बनाने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह दावा आम आदमी पार्टी के पूर्व सांसद और पार्टी संगठन महासचिव संदीप पाठक के घर पंजाब पुलिस की छापेमारी के बाद किया है। मगर, पाठक पंजाब पुलिस से बचते हुए घर के पीछे के रास्ते भाग निकले थे। 

 

राघव चड्ढा ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए सांसदों को निशाना बनाने के लिए पंजाब की सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है। हाल ही में चड्ढा के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी के 7 सांसद बीजेपी में शामिल हो गए थे।

 

यह भी पढ़ें: जिस किताब पर SC ने बैन लगाया था, क्या बदलकर उसे जारी कर रही NCERT?

संविधान के तहत सुरक्षा देने का भरोसा

चड्ढा ने तीन अन्य सांसदों के साथ मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। संदीप पाठक भी इसमें शामिल थे। तीनों ने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन दिया, जिसमें उन्होंने 'आप' से बाहर निकलने के बाद उनके खिलाफ उत्पीड़न और राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई का आरोप लगाया। संदीप पाठक ने कहा, 'हमने राष्ट्रपति को मौजूदा स्थिति के बारे में बताया, और उन्होंने हमें संविधान के तहत सुरक्षा देने का भरोसा दिया।'

 

 

 

चड्ढा ने बैठक के बाद क्या कहा?

चड्ढा ने मुर्मू के साथ बैठक के बाद कहा, 'आम आदमी पार्टी से असहमति जताने का अपना संवैधानिक अधिकार प्रयोग करने वाले सभी सांसदों, जिन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया, उनके संबंध में और इन सभी घटनाओं व घटनाक्रमों को आज राष्ट्रपति के सामने प्रस्तुत किया गया है। मैं आम आदमी पार्टी को यह भी बताना चाहता हूं कि जब तक हम आज्ञाकारी रहे, हमें संस्कारी माना गया। जैसे ही हमने पार्टी छोड़ी, हमें भ्रष्ट करार दे दिया गया।'

 

 

 

 

उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी में शामिल हुए कई पूर्व आप सांसदों को राज्य एजेंसियों द्वारा धमकाया और दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने कहा, 'आम आदमी पार्टी, जो दूसरों पर बदले की राजनीति का आरोप लगाती है, आज खुद खतरनाक प्रतिशोध की राजनीति में लिप्त है। 24 अप्रैल को जब हम आप छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए तब से हमारे सांसदों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है और उन्हें परेशान किया जा रहा है।' 

 

यह भी पढ़ें: प्रदर्शन न जनाधार फिर भी इन नेताओं को राज्यों की कमान क्यों सौंपती है कांग्रेस?

हरभजन सिंह का दिया हवाला

चड्ढा ने उदाहरण देते हुए दावा किया कि पूर्व क्रिकेटर और सांसद हरभजन सिंह पर हमला किया गया है, जबकि उद्योगपति और सांसद राजेंद्र गुप्ता के व्यावसायिक कार्यों में कथित तौर पर बाधा डाली गई है। उन्होंने कहा कि हमने 24 अप्रैल, 2026 को आम आदमी पार्टी छोड़ दी और बीजेपी में शामिल हो गए। तब से हमारे सांसदों को परेशान किया जा रहा है। सबसे पहले, विश्व कप विजेता क्रिकेटर हरभजन सिंह के घर के बाहर गद्दार लिखा गया। पंजाब पुलिस की मदद से उनके आवास पर कथित तौर पर पत्थर फेंके गए और उनके परिवार को निशाना बनाकर अपमानजनक नारे लगाए गए।

FIR और नोटिस बेबुनियाद हैं- चढ्ढा

उन्होंने कहा, 'हमारे साथी राजेंद्र गुप्ता, जो पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित हैं और पंजाब के मालवा क्षेत्र में एक बड़ी फैक्टरी चलाते हैं जिससे लगभग 30,000 लोगों को आजीविका मिलती है, उनकी फैक्टरी को निशाना बनाया गया। पंजाब सरकार ने कथित तौर पर उनकी पानी की आपूर्ति काट दी और प्रदूषण बोर्ड ने फैक्टरी को बंद करने की कार्रवाई शुरू करने के लिए छापे मारे।' उन्होंने दावा किया कि सांसद संदीप पाठक के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। 

 

चड्ढा ने कहा, 'ये FIR और नोटिस इतने बेबुनियाद हैं कि कागज पर लिखे होने के भी लायक नहीं हैं। कोर्ट इन्हें खारिज कर देगा।' उन्होंने आप के नेतृत्व वाली सरकार को चेतावनी दी कि ऐसे कार्यों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रतिशोध के लिए सतर्कता विभाग, प्रदूषण बोर्ड और पुलिस का इस्तेमाल करना एक खतरनाक खेल है। आपने भले ही इसकी शुरुआत की हो, लेकिन इसका अंत अच्छा नहीं होगा। इसे रोकना होगा।