राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 साल पूरे होने के मौके पर देश के अलग-अलग राज्यों में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। देशभर में संघ छोटे बड़े कार्यक्रमों के जरिए अपने कार्यों का प्रचार कर रहा है। रविवार को मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में बॉलीवुड से जुड़े कई स्टार्स मौजूद रहे। इस दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भारतीय जनता पार्टी के विस्तार पर टिप्पणी की। इसके साथ ही उन्होंने कई मुद्दों पर बीजेपी की प्रशंसा भी की।
मोहन भागवत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के अच्छे दिन RSS की वजह से हैं, ना कि इसका उल्टा। उन्होंने कहा, 'RSS राम मंदिर आंदोलन के लिए प्रतिबद्ध था और जिन्होंने इसका समर्थन किया, उन्हें फायदा हुआ।' संघ प्रमुख ने कई सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने संघ से जुड़े सभी संगठनों और संघ के साथ उन संगठनों के संबंधो पर भी अपनी बात रखी।
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स्वयंसेवकों की तारीफ की
मोहन भागवत ने लोगों से बात करते हुए स्वंयसेवकों की तारीफ की। जब उनसे सवाल किया गया कि क्या संघ के लिए अच्छे दिन बीजेपी के सत्ता में आने के बाद आए तो उनहोंने कहा कि यह इसके उल्ट है। उन्होंने कहा कि संघ के लिए अच्छे दिन स्वंयसेवकों की कड़ी मेहनत और विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता से आए हैं।
संघ प्रमुख ने कहा कि संघ परिवार के भीतर विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और भारतीय जनता पार्टी जैसे कई संगठन स्वतंत्र रूप से काम करते हैं। उन्होंने कहा, 'ये सभी स्वतंत्र निकाय हैं लेकिन इनमें कई स्वयंसेवक काम करते हैं। जरूरत पड़ने पर हम उन्हें सलाह भी देते हैं और सतर्क भी करते हैं। हालांकि, हर फैसला उनका अपना होता है। कई बार गुनाहों का दोष हम पर मढ़ा जाता है क्योंकि वे हमारे बीच से ही स्वंयसेवक बनकर आए हैं।'
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि संघ का सरसंघचालक कोई ब्राह्मण नहीं बन सकता, कोई क्षत्रिय नहीं बन सकता, कोई अन्य जाति का नहीं बन सकता, हां जो कोई भी बनेगा वह हिन्दू ही होगा।
पीएम मोदी पर क्या बोले?
मोहन भागवत ने कहा कि कई लोग कहते हैं कि नरेंद्र मोदी संघ से आए प्रधानमंत्री हैं लेकिन यह सही नहीं है। उन्होंने साफ किया कि नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं। उनकी अपनी राजनीतिक पार्टी बीजेपी है, जो संघ से अलग है। हालांकि, संघ प्रमुख ने कहा कि बीजेपी में संघ के स्वयंसेवक हो सकते हैं, जैसे अन्य क्षेत्रों में भी हैं।
इसके साथ ही मोहन भागवत ने 75 साल की उम्र पर रिटायर्मेंट के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आम तोर पर कहा जाता है कि 75 साल की उम्र के बाद व्यक्ति को बिना किसी पद के काम करना चाहिए। जब आरएसएस मुझे पद छोड़ने के लिए कहेगा मैं छोड़ दूंगा। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि संघ प्रमुख का पद छोड़ने के बाद भी वह संघ के लिए काम करते रहेंगे।
