कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने महिला रिजर्वेशन बिल पर अपनी सहमति जताई और कहा कि विपक्ष इस बिल का समर्थन करता है। हालांकि, इसको लागू किए जाने को लेकर उन्होंने चिंता भी जाहिर की।

 

उन्होंने कहा कि सरकार ने इससे पहले भी तमाम बिल की घोषणा की है लेकिन उचित कदम नहीं उठा सकी जिससे वे जमीनी स्तर पर लागू नहीं हो सके।

 

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सरकार को घेरने की कोशिश

महिलाओं के सशक्तीकरण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं को सशक्त करना बेहद जरूरी है क्योंकि यह देश की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक तरीके से अपनी भूमिका निभाएगा।

 

 

 

 

इकरा हसन ने कहा, 'सरकार ने सिर्फ बिल का एलान किया है और सरकार बहुत से बिल का एलान करती है लेकिन उन्हें जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए कोई कदम नहीं उठाती है। अब महिलाओं को सशक्त बनाने की काफी जरूरत है। यह हमारे इकॉनमी के लिए काफी अच्छा साबित होगा।'

AIMIM नेता के बयान पर क्या बोलीं?

इसके अलावा जब इकरा हसन से पूछा गया कि एआईएमआईएम के उत्तर प्रदेश के प्रेसिडेंट हाजी शौकत अली ने कहा है कि अगर उनकी सरकार बनती है जो लोग मुसलानों को गोली मारते हैं उनको वह गोली मार देंगे, तो इस पर इकरा हसन ने कहा कि देश आज भी संविधान के आधार पर चलता है और आगे भी ऐसा ही होगा। उन्होंने कहा कि इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन सी सरकार आती है, संविधान सबसे ऊपर और सभी को कानून और व्यवस्था का पालन करना चाहिए। 

 

इससे पहले 14 मार्च को कांग्रेस ने कहा था कि केंद्र सरकार को ऑल-पार्टी मीटिंग करनी चाहिए ताकि महिला रिजर्वेशन बिल पर चर्चा की जा सके और यह भी कहा कि 'बांटो और राज करो' की राजनीति रुकनी चाहिए।

2023 में हुआ था पारित

संविधान में 106वां संविधान संशोधन ऐक्ट, 2023 पारित किया गया है जिसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम कहा गया। इसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत का रिजर्वेशन दिया गया है।

 

कानून के तहत लोकसभा और संघ राज्य क्षेत्र सहित सभी राज्यों में भी महिलाओं के लिए एक तिहाई सीट को रिजर्व किया गया है ताकि राजनीति में और निर्णय लेने के स्तर पर महिलाओं के रिप्रेजेंटेशन को बढ़ाया जा सके।

 

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इस ऐक्ट को सितंबर 2023 में पारित किया गया था। इसके तहत महिलाओं के लिए किए गए एक तिहाई रिजर्वेशन में एससी-एसटी आरक्षण के तहत भी महिलाओं को रिजर्वेशन दिया गया था।