जम्मू-कश्मीर में सेना को बुधवार को बड़ी सफलता मिली है। ऑपरेशन चनापोरा में लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकवादी को मार गिराया है। उसकी पहचान जाकिर अहमद गनी के तौर पर हुई है। जम्मू-कश्मीर पुलिस की खुफिया जानकारी के आधार पर सेना ने शोपियां के चनापोरा में जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के साथ जॉइंट सर्च ऑपरेशन चलाया। इन आतंकियों को सीसीटीवी फुटेज में देखा गया था। पिछले पांच दिनों से सेना तलाशी अभियान चला रही है।

 

बुधवार को सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच हुई फायरिंग में लश्कर का आतंकी जाकिर अहमद गनी मारा गया। सेना के चिनार कोर ने बताया कि मौके से हथियार, गोला-बारूद और अन्य सामान बरामद किया गया है। सुरक्षाबलों ने 3 जुलाई को शोपियां के मीमांदर इलाके में तलाशी अभियान उस वक्त चलाया था, जब सीसीटीवी कैमरों में एक घने जंगल में दो आतंकियों को देखा था।

 

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पांच दिनों से जारी थी मुभेड़

पिछले पांच दिनों से सेना की 55 आरआर और 44 आरआर व सीआरपीएफ की टीमों ने जंगल को घेर रखा था। दोनों तरफ से रुक-रुककर फायरिंग हुई। बाद में सेना की विक्टर फोर्स ने जंगल के सभी रास्तों को अतिरिक्त जवानों को तैनात करके बंद कर दिया। बुधवार को सेना ने मुठभेड़ में जाकिर अहमद गनी को ढेर कर दिया। वह कुलगाम के मोटलहामा इलाके का रहने वाला था। 

 

पुलिस के मुताबिक जाकिर गनी के खिलाफ कुलगाम थाने में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज है। दूसरे आतंकवादी की पहचान लतीफ के तौर पर हुई है।  

 

 

 

 

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कैसे आतंकी बना जाकिर अहमद गनी?

पुलिस के मुताबिक 27 सितंबर 2023 को जाकिर अहमद गनी काम की तलाश में घर से गया, लेकिन कभी नहीं लौटा। 3 अक्टूबर 2023 को परिवार ने कुलगाम थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया। बाद में पता चला कि जाकिर गनी 'द रेजिस्टेंस फ्रंट'(TRF) में शामिल हो गया था। यह आंतकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की एक शाखा है। पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले की जिम्मेदारी इसी टीआरएफ ने ली थी।